बजट में औद्योगिक विकास पर ध्यान दिया गया है। परिवहन इंफ्रासक्ट्रचर के विकास से कारोबार को बढ़ावा मिलेगा, इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह बजट सराहनीय है।
वैशाली कुमार छापड़िया- व्यापारी
विकास में प्रत्येक वर्ग का ध्यान रखा गया है। परिवहन सुविधा बेहतर करने और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने से विकास की गति तेज होगी। इसका लाभ सभी को मिलेगा।
श्रवण अग्रहरि- व्यापारी
सुरक्षा को लेकर सरकार काफी गंभीर दिखी है। बजट में महिलाओं की सुरक्षा और भय मुक्त वातावरण के लिए कदम उठाया गया है। महिलाओं के लिए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स और एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन अच्छा कदम है। महंगाई कम करने के लिए भी कदम उठाया जाता तो बेहतर होता।
शिप्रा- गृहिणी
महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए बजट में कुछ नहीं किया गया, फिर भी यह बजट संतुलित है। महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं जो सराहनीय है।
जया त्रिपाठी- गृहिणी
कर्मचारियों को उम्मीद थी कि बजट में पुरानी पेंशन योजना की बहाली होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे निराशा हुई है। हालांकि सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए कदम उठाया गया है।
शबाना खान- कर्मचारी
लंबे अर्से से पुरानी पेंशन की बहाली की मांग कर्मचारी कर रहे है, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए भी कोई पहल नही हुई। हालांकि अन्य क्षेत्रों में सकारात्मक कदम उठाए गए हैं।
प्रवीण कुमार यादव- कर्मचारी
सरकार ने बजट में गन्ना का मूल्य बढ़ाया है, यह सराहनीय कदम है। इसके साथ ही डार्क जोन में नए नलकूपों को कनेक्शन देने पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया गया है। इससे किसानों को फायदा होगा।
अलगू- किसान
प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना के तहत लघु व सीमांत किसानों को 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर पुरुष व महिला दोनों के लिए 3000 रुपये पेंशन की व्यवस्था की गई है। यह सराहनीय है।
राम सुरेश- किसान
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की स्थापना आदि के लिए बजट की व्यवस्था की गई है। इससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हाेगी।
रणजीत राय- आम आदमी
ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम का निर्माण होने से युवाओं को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही रोजगार सृजन के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है, जो सराहनीय कदम है।
संदीप कुमार- युवा