नहीं बना अंडरपास, स्वचालित सीढ़ी की आस रह गई अधूरी
खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तक सिमटा
संतकबीरनगर। रेल यात्रियों की सुविधाओं को लेकर वर्ष 2022 कुछ खास नहीं रहा। शहर के लोगों को आवागमन की समस्या दूर करने के लिए मुखलिसपुर रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनना है, लेकिन अभी तक इस पर कार्य शुरू नहीं हो पाया, जबकि खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी की आस भी अधूरी रह गई है, इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल के लिए लगाए गए एटीएम भी बंद पड़े हैं।
खलीलाबाद के मुखलिसपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने के बाद इस क्रॉसिंग को बंद कर दिया गया, जिससे आस-पास के दुकानदारों का कारोबार जहां ठप हो गया, वहीं औद्योगिक आस्थान सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आने-जाने में मुश्किलें खड़ी हो गई। इसे लेकर व्यापारियों ने आंदोलन चलाया और जनप्रतिनिधियों से लेकर रेल मंत्रालय तक अपनी बात पहुंचाई। इसके बाद सांसद प्रवीण कुमार निषाद व सदर विधायक अंकुर राज तिवारी के प्रयास ने मुखलिसपुर रेलवे क्रॉसिंग पर अंडर पास बनाए जाने की स्वीकृति मिली और करीब छह करोड़ दस लाख रुपये अवमुक्त भी कर दिए गए, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है, जिससे लोगों में निराशा देखने को मिल रही है।
खलीलाबाद रेलवे स्टेशन को उच्चकोटि का बनाने के लिए भी तमाम दावे किए गए, इसमें स्वचालित सीढ़ी का निर्माण भी शामिल किया गया, लेकिन स्वचालित सीढ़ी की आस अधूूरी रह गई है। स्टेशन पर स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर एटीएम लगाए गए थे, लेकिन कोविड महामारी के दौरान इन्हें बंद कर दिया गया। इस बीच जो एजेंसी वाटर एटीएम संचालन कर रही थी, उसका अनुबंध समाप्त हो गया। तब से अब तक नया अनुबंध नहीं हुआ, जिस कारण लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन भी अधर में
खलीलाबाद से बहराइच तक रेलवे ने नई रेल लाइन बिछाने की पहल की, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई सार्थक कदम उठता नहीं दिख रहा है। पिछले दिनों रेलवे के अधिकारी डीएम से मिले थे और भूमि अधिग्रहण के संबंध में वार्ता की थी। ऐसे में पूरी प्रक्रिया भूमि अधिग्रहण तक ही सीमित रह गई है।
दो लिफ्ट बनकर हुई तैयार
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफार्म एक और दो पर लिफ्ट बनाए गए। अब इसका उपयोग यात्री फ्लेटफार्म बदलने के लिए कर रहे हैं। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिली है।