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Sant Kabir Nagar News: तितौवा व त्रिपाठी मार्केट रेलवे क्राॅसिंग पर अंडरपास तेज हुई मांग

Sat, 27 May 2023 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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मोती चौराहे पर बंद रहा रेलवे फाटक और पार करते लोग।संवाद
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संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर के त्रिपाठी मार्केट और तितौवा रेलवे क्राॅसिंग पर रोजाना जाम की समस्या उत्पन्न होती है। इसे अमर उजाला ने 11 मई के अंक में ट्रेन गुजरती है... सड़क पर जाम हो जाता है यातायात, शीर्षक से प्रकाशित किया गया। इसके बाद आसपास के लोगों ने अंडरपास के निर्माण की मांग तेज कर दी है। पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ला ने जहां अंडरपास बनाने की मांग के समर्थन में रेल मंत्री को पत्र लिखा है, वहीं सांसद प्रवीण निषाद ने भी पहल शुरू कर दी है।
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खलीलाबाद के त्रिपाठी मार्केट और तितौवा रेलवे क्राॅसिंग से होकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। यह मार्ग रेलवे स्टेशन के अलावा कई मोहल्लों को भी जोड़ता है। इस रेलवे क्राॅसिंग से होकर प्रतिदिन 66 सवारी गाड़ी के साथ ही करीब 100 ट्रेनों की आवाजाही होती है। ऐसे में दिन में कई बार क्राॅसिंग का गेट खुलता और बंद होता है। इसकी वजह से जहां शहर दो हिस्सों में बंटता है, वहीं जाम की समस्या उत्पन्न होती है। इससे लोगों को जाम में फंसकर परेशान होना पड़ता है।
रेलवे कर्मियों के मुताबिक प्रत्येक ट्रेन के गुजरने में सात से आठ मिनट का समय लगता है। ऐसे में अधिकतर समय रेलवे क्राॅसिंग का गेट बंद ही रहता है। ऐसे में आसपास के लोगों ने अंडरपास की मांग तेज कर दी है, जिसे पूर्व सांसद अष्टभुजा प्रसाद शुक्ला का भी समर्थन मिला। पूर्व सांसद ने इसके लिए रेल मंत्री को पत्र लिखा है। इसके साथ ही सांसद प्रवीण निषाद ने भी कहा कि त्रिपाठी मार्केट व तितौवा रेलवे क्राॅसिंग पर अंडरपास बनाने के लिए रेल मंत्री को पत्र लिखेंगे। साथ ही उनसे मिलकर भी इस समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
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इसी क्रम में सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने भी लोगों के सुर में सुर मिलाया है, और कहा कि अंडरपास की मांग जायज है, इसके लिए जो भी संभव होगा किया जाएगा।
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त्रिपाठी मार्केट व तितौवा रेलवे क्राॅसिंग खलीलाबाद रेलवे स्टेशन से काफी सटा हुआ है, जिसके कारण ट्रेन आने पर गेट बंद होता रहता है। यहां इलेक्ट्रिक गेट लग पाना संभव नहीं है। वैसे प्रतिदिन करीब 100 ट्रेन गुजरती हैं। यहां पर अंडरपास या ओवरब्रिज बनने से ही राहत मिल सकती है, लेकिन यह व्यवस्था स्थानीय स्तर से संभव नहीं है।
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-एके गोंड, स्टेशन अधीक्षक, खलीलाबाद
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