धर्मसिंहवा। क्षेत्र के सेवहां चौबे गांव में चल रहे शतचंडी महायज्ञ में कथा व्यास गौरव कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भक्तों के प्रेम से वशीभूत होकर ही निर्गुण ब्रह्म सगुण रूप में अवतरित होते हैं। लोग प्रश्न करते हैं कि भगवान जब अजन्मा है तो जन्म कैसे लिया, यह एक गूढ़ रहस्यों का विषय है। भगवान प्रेम के भूखे होते हैं, भक्त जिस रूप में चाहता है उसी रूप में वह अवतार लेते हैं। रात में रामलीला कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया, जिसमें जानकी के स्वयंवर का दृश्य दिखाया गया। संवाद