- धर्मसिंहवा थाने पर गहमागहमी के बीच शांति कमेटी की बैठक
- एसडीएम ने दोनों पक्षों का लिया बयान
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मसिंहवा। बारावफात और गणेश चतुर्थी को लेकर धर्मसिंहवा थाने पर एसडीएम की अध्यक्षता में मंगलवार को पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इसमें बारावफात का जुलूस निकालने की अनुमति को लेकर थाने में ही एक समुदाय के ही दो पक्ष एसडीएम के सामने ही आपस में आमने-सामने हो गए। बैठक समाप्त होने के बाद दोनों पक्षों को एक-एक कर थाने से बाहर किया गया। बैठक की सूचना न मिलने के कारण गणेश प्रतिमा समिति के पदाधिकारी उपस्थित नहीं रहे।
मंगलवार को धर्मसिंहवा थाने पर ईद मिलादुन्नबी और गणेश चतुर्थी को लेकर के शांति कमेटी की बैठक आयोजित की गई बैठक में एसडीएम मेंहदावल उत्कर्ष श्रीवास्तव और सीओ केशव नाथ उपस्थित रहे। वहां मौजूद लोगों से दोनों अधिकारियों ने समस्या जाननी चाही तो लोगों ने समस्या से इन्कार किए पर स्थानीय कस्बे से निकलने वाले जुलूस के शुरुआत स्थल और समापन स्थल को लेकर के दो पक्ष भिडन्गए। एक पक्ष के मौलाना अली अहमद का कहना था कि मेरे आवास से वर्ष 1972 से जुलूस की शुरुआत और समापन होता आया है यही परंपरा है जबकि दूसरे पक्ष के अकबाल अहमद का कहना था कि पिछले वर्ष उन्हें अनुमति मिली थी।
अनुमति के आधार पर मदरसे से जुलूस का शुभारंभ होना है और मेराज मंजिल पर समापन होना है। दोनों पक्ष आपस में तकरार कर रहे थे। एसडीएम ने वार्तालाप करने के बाद दोनों पक्षों को एक-एक कर थाने से बाहर करवाया और पुलिसकर्मियों के साथ बैठक की। बैठक में गणेश प्रतिमा स्थापित करने वाले लोगों ने बताया कि उन्हें सूचना नहीं दी गई थी। इस वजह से बैठक में नहीं उपस्थित हो सके। हालांकि जुलूस के लिए आमने-सामने हुए दो पक्षों के तमाम लोगों को पुलिस ने शांतिभंग में पाबंद कर दिया है। बैठक में एसओ पूनम मौर्य, रामचंद्रशुक्ला, नजमुद्दीन अंसारी, खालिद अंसारी, परवेज अहमद, इकलाख अंसारी आदि मौजूद रहे।