कोतवाली में बातचीत करती दोनो पक्ष की किन्नर
संतकबीरनगर। क्षेत्र में दखल को लेकर दो गुटों के सैकड़ों किन्नरों ने सोमवार शाम कोतवाली खलीलाबाद परिसर में घंटों हंगामा किया। एसडीएम और सीओ के सामने दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप मढ़ते रहे। काफी प्रयास के बाद भी कोई सार्थक हल नहीं निकला तो पुलिस ने दोनों पक्षों को हिदायत देते हुए वापस कर दिया।
मालूम हो कि किन्नरों के एक पक्ष ने बीते दिनों एसपी को पत्र सौंपकर किन्नरों के एक अन्य समूह पर उनके क्षेत्र में जबरन दखल देने का आरोप लगाया था। इसके बाद एसपी ने कोतवाली पुलिस को दोनों पक्षों को सुनकर मामले का निस्तारण करने को कहा था। इसी के क्रम में पांंच दिन पूर्व पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनी और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। हंगामा भी हो गया। हंगामे की सूचना पर सीओ और एसडीएम मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्ष की बात सुनी। उनके समझाने का भी दोनों पक्षों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इसके बाद पांच फरवरी को फिर से दोनों पक्षों को समाधान के लिए कोतवाली बुलाया।
सोमवार शाम को तमाम किन्नर और उनके समर्थक कोतवाली पहुंच गए। एसडीएम खलीलाबाद शैलेष कुमार दूबे और सीओ सिटी ब्रजेंद्र कुमार सिंह भी महिला थाना पुलिस के साथ कोतवाली पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता करते हुए बातचीत शुरू की। इसी बीच किसी बात को लेकर तनातनी की स्थिति बन गई और हंगामा शुरू हो गया। एसडीएम और सीओ ने पुलिस फोर्स के साथ कड़ी मशक्कत करके दोनों पक्ष को शांत कराया। इसके बाद दोनों पक्ष से कुछ किन्नरों के साथ बंद कमरे में बातचीत शुरू की। इसके बाद भी कोई सार्थक हल नहीं निकला। इस पर दोबारा दोनों पक्षों को बुलाने की बात कहते हुए हिदायत देकर बारी-बारी से दोनों पक्षों के किन्नरों को कोतवाली परिसर से बाहर किया गया।
किन्नरों का अपना सामाजिक ढांचा है। उनको गुरु और शिष्य का धर्म निभाते हुए आपस में बैठकर समस्या का हल निकालने के लिए कहा गया है। किसी भी तरह की अराजकता की स्थिति में दोनों पक्षों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शैलेष कुमार दूबे, एसडीएम खलीलाबाद