संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और जानमाल की धमकी देने के मामले में आरोपी बनाए गए 29 व 30 वर्षीय दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया। वादी मुकदमा पर गलत बयान देने पर केस दर्ज करने का भी आदेश दिया है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता रमेश तिवारी ने बताया कि थाना महुली निवासी पीड़ित पिता ने थाने में तहरीर दी कि उसकी पुत्री जिसकी उम्र 15 वर्ष है, तीन अगस्त 2015 की शाम शौच के लिए गई थी। आरोप लगाया कि चार आरोपी उसकी बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले गए। उसने अपनी बेटी को कई जगह खोजा, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। तहरीर के आधार पर केस दर्ज हुआ।
विवेचक ने जानमाल की धमकी देने की धारा की बढ़ोत्तरी करते हुए बयान पीड़िता तथा गवाहों के बयान के आधार पर दो आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपियों ने आरोप से इन्कार किया। गवाहों की गवाही पीड़िता के बयान तथा वादी मुकदमा के गवाही में पलट जाने से कोर्ट ने थाना महुली निवासी 29 व 30 वर्षीय दोनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया तथा वादी मुकदमा के विरुद्ध प्रकिर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।