- न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम दिनेश प्रताप सिंह की कोर्ट ने डकैती व इसमें प्राप्त की गई संपत्ति को बेईमानी से रखने का जुर्म स्वीकार करने के मामले में दोषी पाए जाने पर दो आरोपियों को सात-सात वर्ष कठोर कारावास व पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थ दंड अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि थाना धर्मसिंहवा के महदेवा नानकार निवासी राजदेव राय पुत्र दौलत राय ने पुलिस को दिए तहरीर में कहा कि 11 अगस्त 2010 की रात 1:30 बजे घर में सोए थे। घर के पीछे उसके पुत्र राजकुमार राय को दरवाजे में खटखट की आवाज सुनाई दी तो देखा कि दरवाजा खुला है। कुछ बदमाश घर के सामान को इधर-उधर कर रहे हैं। यह देखकर राजकुमार ने शोर मचाया। उसका पूरा परिवार जग गया। टार्च की रोशनी व लैंप की रोशनी में ग्राम इटौवा के बैजनाथ पुत्र सुख व टुनटुन पुत्र छिन्ननू जो बराबर उसके गांव और आस पड़ोस के गांव में आते-जाते थे। उनको देखकर पहचान लिए। विरोध करने पर डंडे व राॅड से परिवार को मार-पीटे। तहरीर के आधार पर बैजनाथ, टुनटुन व अज्ञात के विरुद्ध डकैती में केस दर्ज हुई। दौरान विवेचना विवेचक द्वारा समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत आरोपी सर्वजीत सहित नौ लोगों के विरुद्ध डकैती व डकैती में प्राप्त की गई सम्पत्ति को बेईमानी से रखने के आरोप में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।