- ककरहिया निवासी सगे भाईयों की डीसीएम की चपेट में आने से हुई थी मौत
- विश्राम व बुद्धिराम के दो-दो बेटे हैं, मुबंई में मजदूरी का काम करते हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ककरहिया गांव में एक साथ दो सगे भाइयों की मौत से चीख-पुकार मच गया। जिस किसी ने भी घटना के बारे में जाना वह घर पहुंच गया। परिवार की महिलाओं का रो-रो कर बुरा हाल था। गांव की महिलाएं ढांढ़स बंधा रही थीं।
कोतवाली क्षेत्र के ककरहिया गांव निवासी विश्राम और बुद्धिराम साइकिल से मनियरा स्थित सैलून की दुकान में जा रहे थे। उसी दौरान मनियरा पेट्रोल पंप के पास डीसीएम ने दोनों को रौंद दिया। विश्राम के दो बेटे महेश व सुनील हैं जो मुबंई में मजदूरी करते हैं। दोनों भाई कुछ दिन पहले गांव आए थे। वहीं बुद्धिराम के दोनों बेटे रवि और मोनू मुबंई में ही हैं। पिता की मौत की सूचना मिलते ही वह लोग घर के लिए निकल गए हैं।
दोनों भाइयों की मौत की सूचना पर सांसद प्रवीण निषाद पहुंच गए व परिजनों को ढाढंस बधाया। विश्राम के बेटे महेश और सुनील बदहवास थे। पिता और चाचा की मौत की सूचना पर रो-रोकर बुरा हाल था। दूसरी तरफ पोस्टमार्टम हाउस पर लोगों की भीड़ रही। सतीराम का कहना था कि दोनों भाइयों की मौत से परिवार बिखर गया। सभी लोग मिलजुल कर एक साथ रहते थे और सुख-दुख में एक दूसरे की मदद करते थे। आज वह अकेले हो गए हैं।