- जिले में 29 हजार 792 मीट्रिक टन उर्वरक मौजूद
- निर्धारित दर पर ही उर्वरक बेच सकेंगे दुकानदार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद में यूरिया, डीएपी समेत अन्य कंपनियों के 29 हजार 792 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। जिसका दर भी निर्धारित है। अलग-अलग कंपनियों के उर्वरक का अलग दाम है। कृषि विभाग के मुताबिक कोई भी दुकानदार उर्वरक के निर्धारित दर से अधिक कीमत लेता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। दुकानदारों के प्वांइट ऑफ सेल (पीओएस) जांच कर स्टाॅक का मिलान किया जाता रहेगा।
कृषि विभाग के मुताबिक जनपद में खरीफ फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। दुकानदारों के पास भी उर्वरक उपलब्ध है। अलग-अलग कंपनियों के दाम निर्धारित हैं। कृषि विभाग के मुताबिक यूरिया 266 रुपया बोरा, डीएपी 1250 रुपये, सिंगल यूजर फास्फेट (एएसपी) 450 से 600 रुपये, एमओपी 1900 रुपये, एनपीकेएस प्रति बोरी 1300 रुपये निर्धारित है।
खाद को सघन सहकारी समितियों, पीसीएफ, डीसीएफ, निजी दुकानों के विक्रेताओं को उर्वरक को निर्धारित दर पर बेचना है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी पीसी विश्वकर्मा के मुताबिक समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाया जाता है। आगे भी अभियान चलाया जाएगा। जहां कहीं भी गड़बड़ी मिलेगी उसे खिलाफ कार्रवाई होगी। खाद को निर्धारित दर पर बेचना है। अधिक दर पर खाद बेचने की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिकायत की पुष्टी होने पर दुकान का लाइसेंस भी नष्ट कर दिया जाएगा।
जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उर्वरक का मूल्य निर्धारित है। किसानों से कहना है कि धान में सिंगिल सुपर फॉस्फेट का प्रयोग करें। इसमें फास्फोरस के साथ कैल्शियम एवं सल्फर भी पाया जाता है, जो डीएपी में नहीं पाया जाता है। दुकानदारों से कहा गया है कि निर्धारित दर पर उर्वरक बेचें। अधिक कीमत लेने पर कार्रवाई की जाएगी।
- पीसी विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी