बिना दवा के लौट रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल परिसर में आयुष विंग अस्पताल भी संचालित होता है, यहां प्रतिदिन 30 से 40 मरीज आयुर्वेद के जरिए इलाज के लिए आते हैं, पर मरीजों को दवा नहीं मिल पाती है, करीब छह माह से दवा खत्म है। विभाग ने डिमांड भी भेजा पर दवा नहीं आई। इससे मरीजों को बाहर से अधिक दाम देकर दवा खरीदनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल के मुख्य गेट के पास आयुष विंग का संचालन होता है। इस विंग में आयुर्वेद के जरिए मरीजों का इलाज किया जाता है। यहां प्रतिदिन करीब 30 से 40 मरीज ओपीडी में आते हैं और चिकित्सक से परामर्श लेते हैं। पिछले छह माह से दवा नहीं है। जिससे मरीज बिना दवा के वापस लौट जा रहे हैं। शुक्रवार को इलाज कराने आए महुली निवासी आशुतोष, बघौली निवासी जयराम, बड़गो निवासी राहुल ने बताया कि अस्पताल आए थे, पर दवा नहीं मिली। जिसकी वजह से लौट रहे हैं, बाहर से दवा खरीदनी पड़ेगी। इससे पहले भी आए थे तब भी दवा नहीं मिली थी। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अवधेश कुमार सोनकर ने कहा कि दवा खत्म हो गई है। जिसकी डिमांड भेजी गई है, पर अभी तक दवा नहीं मिली है। जिससे परेशानी हो रही है।
इन दवाओं की है डिमांड
अर्श कठार रस, अश्वगंधा चूर्ण, आरोग्य बर्धनी बटी, अमृता रिष्ट्, चित्रकादि बरी, चंद्रप्रभा बटी, त्रिफला चूर्ण, द्राक्षात्सव, डायविबेक्स, कैशोर गुग्गुल, कांचनार गुग्गुल, लोहासव समेत 31 प्रकार की दवा शामिल है।
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आयुर्वेद अस्पताल में दवाओं की कमी है, जिसकी डिमांड राज्य मुख्यालय को भेजी गई है, दवाएं वहीं से आनी है, जल्द ही दवा मिलने की उम्मीद है।
डॉ. अनिरुद्ध सिंह, सीएमओ