संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या से माता जानकी के जन्म स्थान को जोड़ने वाले रामजानकी मार्ग पर बस्ती जिले में यात्री जहां फर्राटा भर रहे हैं। वही संतकबीरनगर जिले में करीब 10 किलोमीटर की दूरी में हिचकोले खा रहे हैं, जबकि सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण होने का निर्धारित समय दो मई 2024 को छह महीने का समय गुजर गया।
संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील क्षेत्र में राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य 35 किलोमीटर लंबाई और 10 मीटर चौड़ाई में 134.91 करोड़ रुपये की लागत से जनवरी 2023 से शुरू होकर मई 2024 तक पूर्ण बना था। सड़क का निर्माण कार्य अपने निर्धारित समय से शुरू हुआ, लेकिन समाप्ति निर्धारित समय से छह महीने बाद भी नहीं हो सकी। संतकबीरनगर जिले में बस्ती की ओर से आने वाली गाड़ियां ज्यों ही जिले में प्रवेश करती हैं तो रामपुर बारह कोनी के पास से उनकी रफ्तार धीमी हो जाती है। कारण की तीन किलोमीटर की लंबाई में सड़क को तोड़कर छोड़ दिया गया लेकिन इसका निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ।
इसी तरह मडपौना के पास करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क टूटी हुई है। जरा सा बारिश होने पर यहां पर वाहन फंस जाते हैं। उनको निकालने के लिए क्रेन का सहारा लेना पड़ता है। मलौली के पास दो किलोमीटर सड़क अधूरी पड़ी हुई है। सबसे खराब स्थिति सरसी के पास है जहां चार किलोमीटर की लंबाई में सड़क को तोड़कर छोड़ दिया गया है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे में जब वाहनों की पहिया पड़ती है तो उसे पर सवार लोगों की कमर हिल जाती है।
बसवारी गांव के पास भी दो किलोमीटर की लंबाई में सड़क तोड़कर छोड़ दी गई है। इसी तरह की हाल डिहवा बाजार में भी बनी हुई है। कारदायी संस्था के जिम्मेदार मई 2024 तक सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण कर देने का दावा पहले खूब कर रहे थे, लेकिन अब जब कार्य अधूरा पड़ा हुआ है तो बारिश का हवाला दे रहे हैं।
राम जानकी मार्ग का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। 20 प्रतिशत कार्य बारिश के कारण अधूरा रह गया। उसे भी जनवरी 2025 तक अवश्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
- अमित कुमार तिवारी, कंसलटेंट एनएच बस्ती