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Sant Kabir Nagar News: रोज होती है तकरार, सरकारी वाहनों से सवारी उतार लेते हैं डग्गामार

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मेंहदावल बाईपास पर डग्गामार वाहन भर रहे सवारी, कम किराया और जल्दी पहुंचाने का देते हैं लालच
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मेंहदावल बाईपास के अस्थाई बस स्टाॅप सेंटर पर रोडवेज की बसें आकर रुकती हैं। पेट्रोल पंप के आगे और गोरखपुर जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे डग्गामार वाहन खड़े होते हैं। रोडवेज बसों से डग्गामार वाहन के चालक सवारियों को कम किराया व कम समय में बस्ती, अयोध्या, बाराबंकी और लखनऊ पहुंचाने का लालच देते हैं और अपने वाहन में बैठा लेते हैं। कुछ दिन पूर्व रोडवेज बस चालक और डग्गामार वाहन के चालक से सवारी उतारने को लेकर तकरार भी हुई थी और रोडवेज के स्टाप सेंटर के प्रभारी ने कोतवाली में तहरीर देकर केस भी दर्ज कराया था। उसके बाद भी डग्गामार वाहनों की मनमानी नहीं रूक रही है।
रोडवेज बसों के रुकने के लिए मेंहदावल बाईपास पर अस्थाई बस स्टाॅप सेंटर बनाया गया है। जहां पर गोरखपुर और बस्ती लखनऊ जाने के लिए बसे रुकती है और सवारी भरती है। इन रोडवेज बसों के आगे ही प्राइवेट वाहन भी खड़े हाेते हैं और सवारी भरते हैं। इन वाहनो के चालक रोडवेज बसों के पास आकर सवारियों को कम किराया और जल्दी पहुंचाने का लालच देकर सवारी उतार लेते हैं। रोडवेज के कर्मचारी चाहकर भी कुछ नहीं कर पाते हैं। 21 सितंबर को बस्ती डिपो की एक बस के अंदर चढ़कर प्राइवेट वाहन का चालक सवारी उतार रहा था। उसी दौरान रोडवेज के बस स्टैंड के प्रभारी से उसकी तकरार भी हो गई। जिसके बाद मामला कोतवाली पहुंचा और रोडवेज बस स्टैंड के प्रभारी की तहरीर पर अज्ञात पर केस भी दर्ज हुआ था। इस मामले को अमर उजाला ने 22 सितंबर के अंक में रोडवेज बस से जबरन उतार रहे थे सवारी, विरोध पर दी धमकी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। उसके बाद भी यातायात पुलिस और एआरटीओ कार्यालय नहीं चेत रहा है और इन प्राइवेट वाहनों पर लगाम नहीं लगा पा रहा है। शनिवार को रोडवेज बस से यात्रा करने आए सुनील पांडेय, विजय सिंह, दयाराम ने बताया कि वह लोग रोडवेज की बस में चढ़ रहे थे उसी दौरान एक व्यक्ति आया और कहा कि लखनऊ जल्दी पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि प्राइवेट वाहन काफी तेजी से वाहन चलाते हैं। रोडवेज पर पूरा भरोसा है, इसलिए वह लोग प्राइवेट वाहन से नहीं गए। रोडवेज बस स्टैंड के प्रभारी त्रियुगी नारायण दुबे ने कहा कि 15 दिन पूर्व पुलिस को तहरीर दिया गया था, पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर मामले में चुप्पी साध लिया। इससे रोडवेज की आय को नुकसान होता है।
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प्राइवेट वाहनों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है, इसके साथ ही उनका चालान भी होता है, यातायात पुलिस के कर्मी लगातार इन पर निगाह रखते हैं और कोई वाहन खड़ी करता है तो उसे हटवाते भी है। फिर भी अगर कोई वाहन दिखेगा तो कार्रवाई की जाएगी।
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- परमहंस, यातायात प्रभारी

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समय-समय पर डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। 18 अक्तूबर से फिर अभियान चलेगा। जब कोई डग्गामार वाहन जांच के दौरान मिलता है तो उसका चालान किया। मेंहदावल बाईपास पर विशेष रूप से नजर रखी जाएंगी। यदि डग्गामार वाहन मिले तो जरूर कार्रवाई होगी। राजस्व की क्षति किसी भी दशा में नहीं होने दी जाएगी।
- प्रियबंदा सिंह, एआरटीओ
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