- अधिकतम तापमान पहुंचा 41 डिग्री सेल्सियस पहुंचा
- मौसम की तल्खी से दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मौसम के तेवर कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। पारा अभी और चढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विज्ञानी की माने तो 18 मई तक अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। बुधवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा। इसका असर ये रहा कि मौसम की तल्खी की वजह से लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा। गर्मी और उमस के बीच लोग बाहर निकलने से परहेज करते रहे। बाहर निकलने वाले चेहरे काे गमछे से ढककर जाते दिखे।
पिछले सप्ताह राहत देने के बाद एक बार फिर मौसम के तेवर बदल गए हैं। बीते दो दिनाें में जहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस बना रहा, वहीं बुधवार को पारा 5 डिग्री ऊपर चढ़ गया। वहीं तेज धूप और उमस लोगों की सेहत पर भी असर डाल रहा है। जिला अस्पताल में उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ रहे हैं। पिछले दिनों पारा गिरने से लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, मौसम भी सुहाना हो गया था। लेकिन पिछले दो तीन दिनों से मौसम का पारा लगातार चढ़ रहा है।
तेज धूप के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। दिन में सड़क पर सन्नाटा रह रहा है। वहीं वाहनों की आवाजाही भी कम हो गई है। गोला बाजार के दुकानदार मुकेश जायसवाल के मुताबिक तेज धूप के कारण दोपहर के समय ग्राहकों के न आने से व्यापार प्रभावित हो रहा है। दुकान से खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।
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मौसम की तल्खी से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। तापमान में अभी और वृद्धि होगी। 18 तक अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री तक पहुंच सकता है।
- अमरनाथ मिश्र, मौसम विज्ञानी, कुमारगंज अयोध्या
गर्मी बढ़ने से जिला अस्पताल में मरीज की संख्या बढ़ी
तेज धूप और गर्मी से लोगों का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सबसे अधिक पेट के मरीज पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में रोजाना 25 से 30 मरीज उल्टी-दस्त और पेट संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे है। मौसम सबसे अधिक बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। डायरिया और निमोनिया से पीड़ित 20 बच्चे रोज जिला अस्पताल इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। गंभीर बच्चों को पीआईसीयू वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इस संबंध में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी पाल का कहना है लू चल रहा है, सभी को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। बच्चों को धूप और गर्मी से बचाएं। इस समय सबसे अधिक डायरिया और निमोनिया से पीड़ित बच्चे अस्पताल आ रहे हैं।