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Sant Kabir Nagar News: अफसरों के पद खाली, परेशान हो रहे लोग

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विकास भवन में सीडीओ की खाली रही कुर्सी।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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अफसरों के पद खाली, परेशान हो रहे लोग
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अतिरिक्त प्रभार के जरिये चल रहा काम, प्रदेश स्तर की रैकिंग में पिछड़ा जिला
संतकबीरनगर। जिले में सीडीओ, डीसी मनरेगा, बीडीओ समेत कई कर्मचारियों के पद रिक्त हैं। जिला विकास अधिकारी के पास दो अन्य अधिकारियों का अतिरिक्त प्रभार है। समस्या लेकर आने वाले फरियादियों को भटकना पड़ता है। विकास की योजनाएं सुस्त पड़ गई हैं। प्रदेश स्तर की रैकिंग में दो महीने पहले जिले का स्थान 10वां था, अब 36वें पर है।
छह महीने से अधिक समय से डीसी मनरेगा का पद रिक्त है। 12 दिसंबर को सांसद निधि में कमीशन मांगे जाने के वायरल ऑडियो प्रकरण में पीडी सुरेंद्र गुप्त के खिलाफ जांच चल रही है। जांच संयुक्त विकास आयुक्त को मिली थी। जांच के दायरे में आए पीडी अवकाश पर चल रहे हैं। 31 दिसंबर को सीडीओ अतुल मिश्र सेवानिवृत्त हो गए। उनकी जगह पर तैनाती नहीं हो पाई है।
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जिले में नौ ब्लॉक हैं और सिर्फ सात बीडीओ की तैनाती है। सेमरियावां और हैंसर बाजार ब्लॉक में उधार के बीडीओ से काम चलाया जा रहा है। ग्राम्य विकास विभाग में एक पद सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) का भी रिक्त है। सहायक विकास अधिकारी (महिला) का भी पद रिक्त है। ग्राम विकास अधिकारी के 75 पद स्वीकृत हैं और 39 कार्यरत हैं। ग्राम विकास अधिकारी महिला के दस पदों के सापेक्ष चार की तैनाती है।
सहायक लेखाधिकारी का एक पद रिक्त है। लेखाकार के 20 पदों के सापेक्ष चार की तैनाती है और 16 पद रिक्त है। कनिष्ठ लिपिक के तीन पद रिक्त हैं। ऊदू अनुवाद के तीन पद, वाहन चालक के पांच पद, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पांच पद और चौकीदार के सात पद रिक्त हैं।
जिले में तैनात जिला विकास अधिकारी सुदामा प्रसाद के पास सीडीओ और पीडी के पद का अतिरिक्त प्रभार है। डीडीओ सुदामा प्रसाद भी जनवरी में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। डीसी एनआरएलएम जीशान रिजवी के पास डीसी मनरेगा का अतिरिक्त प्रभार है। बीडीओ पौली महावीर सिंह के पास बीडीओ हैंसर और बीडीओ खलीलाबाद विनोद मणि के पास सेमरियावां का अतिरिक्त प्रभार है।
जिले में एडीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद की तैनाती प्रभारी डीपीआरओ के रूप में होने से डीपीआरओ का वित्तीय प्रभार भी डीडीओ के पास है। बुधवार को विकास भवन आए हरिश्चंद्र चौधरी, राम लखन, श्रीनिवास, दिवाकर उपाध्याय, राममूरत मिश्रा और दिग्विजय ने बताया कि जरूरी कार्यों से आए थे, लेकिन अधिकारियों की तैनाती नहीं है तो सभी तरह की शिकायत डीएम और एडीएम से करना मजबूरी हो गई है।
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कोट
सीडीओ, डीसी मनरेगा और बीडीओ के दो पद रिक्त हैं। इन पर अधिकारियों की तैनाती के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा। शासन की योजनाएं तीव्र गति से संचालित हों और पात्रों को लाभ मिले, इस दिशा में पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
-प्रेम रंजन सिंह, डीएम
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