धनघटा। निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान बृहस्पतिवार को होना है। मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए राजनीतिक और गैर राजनीतिक दल के प्रत्याशी कोई कोर कसर नहीं छोड़े। मंगलवार को प्रचार का शोर थम गया। हालांकि, मतदाताओं की खामोशी को तोड़ने में प्रत्याशी असफल रहे। इस कारण इस चुनाव में जीत-हार की भविष्यवाणी राजनीतिक पंडित भी नहीं कर पा रहे हैं।
विकास खंड हैंसर बाजार की 14 ग्राम पंचायतों के 37 राजस्व गांवों को मिलाकर नगर पंचायत हैंसर बाजार का गठन किया गया। नगर पंचायत का गठन होने के बाद से ही चेयरमैन बनने की आस में तमाम दिग्गज बैनर-पोस्टर लगाकर मतदाताओं से संपर्क करने में लगे थे। आरक्षण की सूची जब आई तो इस नगर पंचायत की अध्यक्ष की सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित पाई गई। इससे अध्यक्ष पर विराजमान होने का सपना पालने वाले सामान्य और पिछड़े वर्ग के लोगों के पांव से जमीन खिसक गई। चुनाव का समय जब आया तो भाजपा, सपा, बसपा समेत अन्य राजनीतिक दलों से और निर्दल प्रत्याशी के रूप में कुल 12 लोग चुनाव मैदान में उतरे। अपने-अपने तरीके से सभी प्रत्याशी मतदाताओं से संपर्क करके उन्हें अपने पाले में करने की कोशिश जारी रखी है, लेकिन मतदाता है कि सबके हां में हां मिलाने के बाद अपनी वाली करने के जिद पर कायम है।
इस बीच राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में भी बिखराव दिखा। कार्यकर्ता भी अपने मनपसंद प्रत्याशी को जिताने के लिए दलीय निष्ठा तोड़ते नजर आए। इतना ही नहीं, एक-दूसरे राजनीतिक दल के लोग भाड़े के प्रचारक चुनाव मैदान में उतारने का एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। चुनाव प्रचार थम तो गया, लेकिन मतदाताओं से संपर्क करने का सिलसिला जारी है। आने वाले 11 मई को तय हो जाएगा कि यहां के 28000 वोटर किसके निवेदन को स्वीकार करते हुए उसके सिर पर जीत का सेहरा बांध दिए।