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शराब पीकर अपशब्द कहने पर की थी भांजे की हत्या

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कोतवाली पुलिस ने हत्यारोपी को पकड़ा। - फोटो : KHALILABAD
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शराब पीकर अपशब्द कहने पर की थी भांजे की हत्या
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संतकबीरनगर। आमी के अजगईबा घाट पर काम करने वाले दिव्यांग व्यक्ति की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके मामा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, शराब पीकर अक्सर झगड़ा करने की वजह से आरोपी ने दिव्यांग भांजे की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इस वारदात में आरोपी की मदद उसके पिता ने की थी। मामा और नाना ने मिलकर दो दिनों तक शव को छिपाकर रखा था। रात में शव को बोरे में भरकर आमी नदी के अजगईबा घाट पर ले गए थे। वहां एक व्यक्ति ने उन्हें देख लिया। उसके बाद आरोपी शव का अंतिम संस्कार किए बिना भाग गए।
शनिवार को पुलिस की पकड़ में आने के बाद पूछताछ में मुख्य आरोपी ने पुलिस को कई जानकारी दी। इंस्पेक्टर अपराध दीपक दूबे ने बताया कि वाराणसी जिले के चौक क्षेत्र के मीरघाट निवासी रोहित चौधरी आमी नदी के अजगईबा घाट पर कार्य करते हैं। रोहित ने पुलिस को सूचना दी थी कि 11 जुलाई की रात तीन लोग बोरे में शव लेकर घाट पर अंतिम संस्कार के लिए आए। शव की स्थिति देखकर आशंका जताई कि हत्या कर चुपके से शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी है। उन्होंने शव लाने वाले तीनों लोगों से पूछताछ की। उसके बाद तीनों चिता पर रखे शव को छोड़कर भाग गए।
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रोहित ने यह भी बताया कि जानकारी करने पर पता चला कि कोतवाली क्षेत्र के जंगलऊन के बेलदारी टोला निवासी संजय अपने दो साथियों के साथ भांजे सिकंदर, निवासी नरायनपुर उर्फ कोटिया, थाना सिकरीगंज, जिला गोरखपुर का शव लेकर आए थे। सिकंदर के पिता रामनगीना ने अपने साले संजय पर हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले में सिंकदर की हत्या के आरोपी मामा संजय और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या कर शव छिपाने की कोशिश के आरोप में केस दर्ज कर किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि व्यक्ति की गला दबाकर हत्या की गई थी। इंस्पेक्टर अपराध दीपक दूबे ने बताया कि तभी से आरोपी की तलाश की जा रही थी। शनिवार को सूचना के आधार पर बघौली के पास से आरोपी संजय को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि भांजे सिकंदर छह साल पहले ट्रैक्टर की चपेट में आ गया था, जिसकी वजह से उसका बायां पैर घुटने के नीचे कट गया था।
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सिकंदर बैसाखी के सहारे चलता था। भांजा सिकंदर उसी के घर पर रहता था। अक्सर शराब पीकर उसे और परिवार के लोगों को अपशब्द कहता रहता था। आरोपी ने बताया कि नौ जुलाई की रात में शराब पीकर भांजा अपशब्द कह रहा था। उसी से आजिज आकर कर गुस्से में उसने भांजे का गला दबा दिया था। इस घटना में आरोपी संजय का उसके पिता राजकुमार ने भी सहयोग किया। दो दिनों तक शव को बोरे में रख कर इधर-उधर छिपाया रखा। फिर 11 जुलाई की रात शव को लेकर पिता राजकुमार के साथ संजय आमी नदी के अजगईबा घाट पर गया, लेकिन वहां मिले व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दे दी। इस वजह से दोनों वहां से शव छोड़ कर भाग निकले। इंस्पेक्टर ने बताया कि पकड़े गए मुख्य आरोपी संजय को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसको जेल भेज दिया गया। दूसरे आरोपी राजकुमार की तलाश की जा रही है।
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