-योजना बनाने तक सिमटी नगर पालिका, कोई ठोस पहल नहीं
- मांगलिक कार्यक्रम के लिए मुंहमांगी रकम देने की मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। खरमास आज रात में खत्म हो जाएगा। रविवार से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। लेकिन शहर में सहालग और सार्वजनिक कार्यक्रम करने के लिए शहर में एक बरात घर भी नहीं है। हालांकि नगर पालिका की ओर से मड़या व बरईटोला में जमीन भी देखी गई थी। प्रस्ताव भी बना, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। जिसके कारण लोगों को होटल या निजी मैरिज हाॅल में मांगलिक कार्यक्रम के लिए मुंहमांगी रकम देनी पड़ रही है।
शहर की आबादी करीब एक लाख से ऊपर पहुंच गई है, लेकिन नगर पालिका परिषद के पास मांगलिक कार्यक्रम के लिए बरात घर नहीं है। जो लोग साधन संपन्न हैं वह लोग होटल या निजी मैरिज हाॅल बुक कर रहे हैं लेकिन जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, उन्हें परेशानी हो रही है। कारण यह है कि उनके पास होटल व निजी मैरिज हाल का खर्च उठा पाने की व्यवस्था नहीं हैं।
नगर पालिका के नए बोर्ड के गठन के बाद पालिका प्रशासन ने शहर के बरई टोला में बरात घर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया किया गया था। साथ ही मड़या मोहल्ले में भी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए हाॅल बनाया जाना प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। इधर सहालग का सीजन शुरू होना वाला है। जो मैरिज हाॅल बने है, वहां मुंहमांगी रकम की डिमांड की जा रही है, जो सभी के लिए दे पाना संभव नहीं हैं।
शहर के बरदहिया क्षेत्र के निवासी रामदीन ने कहा कि 24 अप्रैल को बेटी की शादी है। मैरिज हॉल बुक करने के लिए भटकने के बाद भी कोई सस्ता हाॅल नहीं मिला। ऐसे में मजबूरी में घर के सामने ही कार्यक्रम करना पड़ेगा। इसी तरह मड़या क्षेत्र के निवासी सुरेश कुमार ने कहा कि यहां बहुउद्देशीय हाॅल बनाया जाना प्रस्तावित है, लेकिन कार्य शुरू नहीं हुआ। ऐसे में कार्यक्रम करने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू है। इसके बाद शहर में चिन्हित स्थानों पर बरात घर का निर्माण कराया जाएगा। ताकि लोगों को राहत मिल सके।
- जगत जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद खलीलाबाद