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Sant Kabir Nagar News: तप रही जमीन, सूख रही फसल, उमस ने बढ़ाई मुसीबत

Sun, 23 Jul 2023 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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-तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार, दो सप्ताह से नहीं हुई अच्छी बारिश
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- महंगे डीजल खरीद धान की फसल बचाने में जूझ रहे किसान
-मौसम और बिजली का डबल अटैक, शहर से लेकर गांव तक लोग बेहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सावन में रिमझिम फुहार की जगह धूल उड़ रही है। तपिश से लोग बेहाल हैं। बिजली कटौती के कारण पंखा, कूलर बेकार हो गए हैं। लोगों को न घर में चैन मिल रहा है और न ही बाहर। सूरज की तपिश ने लोगों की परेशानियों बढ़ा दी हैं। इधर दो सप्ताह से अच्छी बारिश न होने से खेतों में दरार पड़ने लगी है। किसान आसमान निहार रहे हैं और धान की फसल बचाने के लिए महंगे डीजल खरीदने को मजबूर हैं। ऐसे में आम आदमी, व्यापारी और किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम की बेरुखी का असर यह है कि सावन में पारा अधिकतम 37 डिग्री सेल्यियस तो न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इससे लोग गर्मी से परेशान है। इस बीच बिजली की आवाजाही भी मुसीबत बढ़ा रही है। बिजली न रहने से लोग घरों में भी चैन नहीं पा रहे हैं। दुकानदार भी खासे परेशान हैं क्योंकि शाम के समय बिजली गुल होने पर जल्दी दुकानें बंद करनी पड़ रही है।
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बारिश न होने से धान की फसलें सूख रही हैं। ऊपज के सहारे परिवार की खुशहाली का सपना संजोए किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। कुछ किसान पंपिंग सेट से पानी चलाकर फसलों को बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं तो कई किसान मंहगाई की मार के चलते खेत में पानी चलाने में असमर्थ हैं।
जुलाई माह के पहले सप्ताह में हुई बारिश ने धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद जगा दी थी लेकिन करीब पंद्रह दिनों से बारिश न होने से खेतों की नमी गायब हो गई है। खेत के उपरी सतह की मिट्टी पपड़ी बनकर उजड़ने लगी है। जिससे सूख रही धान की फसलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

किसान हनुमान पटेल, विनोद कुमार, वीरेंद्र यादव, रामचंदर ने बताया कि बारिश न होने से धान की पैदावार प्रभावित होगी। धान की ऊपज के सहारे खेतों में अपनी पूंजी लगा चुके किसानों के लिए बारिश न होना परेशानी का सबब है। बताया कि धान की रोपाई में लगी पूंजी से कर्जदार हुए किसानों के लिए खेत में पानी चलाना भी मुश्किल हो गया है। मंहगाई के चलते डीजल भी नहीं खरीद पा रहे हैं। फिर भी बारिश की उम्मीद में कर्ज लेकर किसान खेतों की सिंचाई कर रहे हैं।
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मेंहदावल क्षेत्र में खेतों में पड़ी दरार, फसलें सूखी
मेंहदावल तहसील क्षेत्र में कई दिनों से बारिश नहीं हुई है। इसका प्रभाव सीधे धान की फसल पर दिखाई दे रहा है। खेतों में दरार पड़ गई है। फसलें सूख रही हैं और किसान मारा-मारा फिर रहा है। किसान बैजनाथ याद, मंगेश, देव कुमार पांडेय, श्याम करण, रामकरण यादव आदि लोगों का कहना है कि काफी दिनों से बरसात न होने के कारण खेतों में दरार पड़ रहा है। धान की फसल में पीलापन आ रहा है। यदि दो-चार दिन में बारिश नहीं हुई तो इस बार धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। तेल का दाम आसमान छू रहा है ऐसे में बरसात के अभाव में खेती महंगी हो गई है।
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सावन के महीने में धूल उड़ रही है। गर्मी से बुरा हाल है। इससे दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है। भीषण गर्मी के चलते काफी कम ग्राहक आ रहे हैं। जिससे जल्दी दुकान बंद करनी पड़ रही है।
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-दिलीप कुमार, दुकानदार
धान की फसल बारिश न होने से सूख रही है। महंगे डीजल खरीदने की मजबूरी है। यदि दो-चार दिनों में बारिश नहीं हुई तो फसल बर्बाद हो जाएगी।
-रामकिशुन, किसान
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सावन के महीने में ज्येष्ठ माह का एहसास हो रहा है। तपिश के कारण न तो घर में चैन मिल रहा है और न ही बाहर। बिजली भी दगा दे जा रही है।
-अभिषेक, आम नागरिक
तापमान बढ़ने से गर्मी बढ़ गई है। बिजली की आवाजाही के चलते काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बिजली न रहने पर पंखा-कूलर बेकार हो गए जा रहे हैं।

अरुणेंद्र सिंह, आम नागरिक
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पिछले कई दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई है। इससे फसल प्रभावित हो रही है लेकिन उम्मीद है कि इस सप्ताह में अच्छी बारिश होगी। किसानों को चाहिए कि वह शाम के समय खेतों की सिंचाई करें।
-पीसी विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी
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