किसान दिवस पर सिंचाई का मुद्दा छाया रहा
नहरों में पानी नहीं और नालियां ध्वस्त होने का किसानों ने किया जिक्र
गन्ना मूल्य बकाया का भुगतान नहीं होने का किसानों ने सुनाया दर्द
संतकबीरनगर। विकास भवन के सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस पर सिंचाई के संसाधन बदहाल होने का मुद्दा छाया रहा। नहरों में पानी नहीं होने और नलकूप की नालियां ध्वस्त होने का जिक्र किसान ने किया। किसानों के सवाल का जिम्मेदार अधिकारी समुचित जवाब नहीं दे पाए।
सीडीओ अतुल मिश्रा की अध्यक्षता में किसान दिवस की शुरुआत होते ही किसानों ने सिंचाई के संसाधन की बदहाली का मुद्दा उठाया। किसानों ने कहा कि नहरों में पानी नहीं हैं। इससे खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। सरयू नहर खंड के अधिशासी अभियंता विजय कुमार ने बताया कि नहर में पानी की आपूर्ति अपेक्षाकृत कम है। पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सीडीओ ने निर्देश दिए कि निर्धारित पानी की आपूर्ति कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराएं।
किसानों ने नलकूप की नालियों की मरम्मत नहीं होने से भी सिंचाई में व्यवधान की बात कही। नलकूप खंड के अधिशासी अभियंता लालचंद ने आश्वस्त किया कि तीन से चार दिन के भीतर सभी नलकूप चालू हो जाएंगे। किसान प्रहलाद चौधरी, सुरेंद्र राय एवं किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष जनार्दन मिश्रा ने गन्ना मूल्य बकाया का भुगतान नहीं होने की समस्या रखाी। सीडीओ ने गन्ना विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
किसानों ने विद्युत निगम के अधिकारियों द्वारा अनावश्यक रूप से चेकिंग करने पर आपत्ति जताई। किसानों ने बताया कि वर्तमान में धान की फसल की सिंचाई के लिए किसान विद्युत चालित मोटर का प्रयोग न करें तो वह धान की फसल की सिंचाई कैसे करें। सीडीओ ने एक्सईएन विद्युत को निर्देश दिए कि किसानों को फसल की सिंचाई के लिए बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कराएं।
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी करा लें। यदि 31 जुलाई 2022 तक ई-केवाईसी नहीं कराई जाती है तो आगामी किस्त आनी बंद हो सकती हैं। इस दौरान डीडीओ सुदामा प्रसाद, लीड बैंक के प्रबंधक दिवाकर पांडेय, उपकृषि निदेशक लोकेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी संतोष दुबे आदि मौजूद रहे।