सूचना पर कांटे चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए और पीड़ित परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। हंगामा करीब चार घंटे तक चला। मृतक की पत्नी पूनम देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक के चार बच्चे हैं। जिसमें बड़ी बेटी शिवानी 14 वर्ष है। जबकि दस वर्ष का बेटा त्रषभ, आठ वर्ष का ऋतिक और एक वर्ष का ऋतिष है।
अस्पताल के डॉक्टर राकेश चौधरी ने बताया कि परिजन महेंद्र को मंगलवार शाम अस्पताल लेकर आए थे। उसकी पेशाब की नली में सिकुड़न थी। जिससे पेशाब रुक गया था। ऑपरेशन करके नली लगाई गई। रात दो बजे के करीब मरीज का अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उसकी सांस फूंलने लगी।
मरीज को चिकित्सकीय सुविधा देकर लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। मरीज को गोरखपुर भी ले जाने की सलाह दी गई, लेकिन मरीज की हालत ठीक नहीं थी। जिसकी वजह से परिजन गोरखपुर ले जाने को तैयार नहीं हुए। बाद में मरीज की मौत हो गई। डॉक्टर और अस्पताल कर्मियों पर लगाया गया लापरवाही का आरोप गलत है। कोतवाल विजय नरायन प्रसाद ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।