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घाघरा नदी की कटान तेज, ढोलबजा गांव के 35 घरों पर संकट

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ढोल बजा गांव के करीब कटान करती घाघरा नदी। - फोटो : KHALILABAD
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घाघरा नदी की कटान तेज, ढोलबजा गांव के 35 घरों पर संकट
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नदी के जलस्तर में तेजी से आ रही कमी पर खतरा बरकरार
धनघटा। क्षेत्र के गायघाट दक्षिणी गांव के पास घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। खेती योग्य जमीन को काटते हुए नदी गायघाट दक्षिणी गांव के बाद ढोल बजा गांव के 35 लोगों के मकान के करीब आ गई है। इससे इन गांवों पर संकट खड़ हो गया है। जबकि नदी के जलस्तर में शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई।
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एमबीडी बांध और घाघरा नदी के बीच धनघटा तहसील क्षेत्र के 22 गांव के लोग निवास करते हैं। नदी की कटान और बाढ़ का दंश यहां के लोग प्रतिवर्ष झेलते हैं। वर्ष 2020 से 2022 तक गायघाट दक्षिणी गांव के 54 लोगों का मकान नदी की धारा में समाहित हो चुका है। इसके पहले कटान के कारण सैकड़ों बीघा जमीन नदी की धारा में विलीन हो चुकी है। गायघाट दक्षिणी गांव के 50 लोगों का मकान कटान स्थल से थोड़ी दूर पर रह गया है। गायघाट दक्षिणी गांव के पूरब नदी तीन से चार सौ बीघा खेत काटकर ढोल बजा गांव की तरफ बढ़ने लगी है। इससे गांव के लोगों की नींद उड़ गई है। ग्रामीण लालचंद, अरुणेश, श्याम सुंदर, राजेंद्र और विश्वनाथ आदि का कहना है कि कटान करते हुए नदी ढोल बजा गांव के करीब पहुंच गई है। 100 मीटर कटान और हुई तो ढोल बजा गांव के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो जाएगा। गांव वालों का कहना है कि इधर नदी के जलस्तर में तेजी से कमी आने लगी है, लेकिन कटान थमने का नाम नहीं ले रही है। जिससे डर का माहौल बना हुआ है। तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि ढोल बजा के करीब नदी कटान कर रही है। गांव को अभी कोई खतरा नहीं है। राजस्व विभाग की टीम नदी की स्थिति पर नजर लगाई हुई है। उन्होंने कहा कि बाढ़ सुरक्षा के लिए हर स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं।
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