- सरकारी दांव-पेंच में उलझ गया है तीन जिलों को जोड़ने वाले बीएमसीटी मार्ग का निर्माण कार्य
- बदहाल सड़क पर मुश्किल हुआ सफर करना, गड्ढा भरना चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। बीएमसीटी मार्ग है तो क्या हुआ, आहिस्ता चलिए! सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। अचानक वाहन का पहिया फंसा तो संभल नहीं पाएंगे। गिरकर चोटिल हो जाएंगे। यह हाल एक जगह का नहीं बल्कि क्षेत्र की अधिकतर प्रमुख सड़कों का है। कुछ गड्ढे तो जानलेवा भी हैं। अभी इनके पुनर्निर्माण की उम्मीद भी मत कीजिए। सड़कों का मरम्मत कार्य सरकारी दांव पेच में उलझ गया है। बात कुछ बनेगी भी तो बारिश के मौसम के बाद। तब तक राहगीरों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
तीन जिलों को जोड़ने वाली बीएमसीटी मार्ग इन दिनों गड्ढों में तब्दील हो गई। रोजाना लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। क्षेत्र की आधा दर्जन प्रमुख सड़कें छह माह से खस्ताहाल हैं। बारिश ने इनकी सूरत और बिगाड़ दी है। गड्ढे बढ़ गए हैं। कहीं-कहीं गड्ढों में बारिश का पानी भी भरा हुआ है। सड़क की गिट्टियां बरसात में बहकर बिखर गई हैं। कहीं ऊबड़-खाबड़ सड़क तो कहीं बिखरी गिट्टियों पर दो पहिया या अन्य हल्के वाहनों का संतुलित चलना संभव नहीं हो पा रहा है।
निवासी अब्दुल, उस्मान, रवि, अभिनव, अजय, विमल, सतीश व अन्य ने कहा कि इन सड़कों पर किसी भी तरह से यात्रा सुरक्षित नहीं हैं। बच-बचाकर पार हो गए तो यह आपकी किस्मत वरना कुछ न कुछ दर्द झेलना ही पड़ रहा है। रात का सफर तो और भी कठिन है। गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं। ऊपर से बारिश की बूंदों के बीच जल्दी से घर पहुंचने की होड़ में स्पीड बढ़ानी ही पड़ती है। तभी अचानक सामने गड्ढा आ जा रहा है। इससे बचने के लिए इधर-उधर हैंडिल किए तो या बाइक या दूसरे वाहन से टकराने फिसलने का खतरा है। सड़क दुर्घटना की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि संबंधित विभाग से बात की जाएगी और सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।