शहर को दुधिया रोशनी से जगमगाने में बाधा बना बजट
-आधे शहर में लगीं स्ट्रीट लाइटें, आधे शहर को अब बजट का इंतजार
- लोगों की उम्मीदों पर फिर रहा पानी
संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर को दुधिया रोशनी से जगमगाने की मुहिम में बजट का संकट खड़ा हो गया है। स्थिति यह है कि अभी आधे शहर में ही स्ट्रीट लाइट लग सकी है, जबकि आधे शहर को अब भी बजट का इंतजार है। ऐसे में जहां लोगों के उम्मीदों पर पानी फिर रहा है वहीं शहर के सुंदरीकरण पर भी ग्रहण लगता दिख रहा है।
नगर पालिका प्रशासन ने शहर को दुधिया रोशनी से जगमगाने के लिए डिवाइडर के बीच में कामर्शियल एरिया स्ट्रीट लगाने का कार्य शुरू किया था। इसके तहत पूरे शहर में दुधिया स्ट्रीट लगाने की योजना है। साथ ही विभिन्न स्थानों पर हाईमास्ट लाइट भी लगाई जानी है। अब तक जो कार्य हुए हैं, उसमें मेंहदावल बाईपास से आजाद चौक तक कामर्शिलय एरिया में स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। साथ ही बैंक चौराहा, मुखलिसपुर तिराहा, तितौवा चौराहा, मेंहदावल चौराहा आदि स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगी है। इसके बाद बजट न होने कार्य ठप हो गया। ऐसे में शहर के आजाद चौक से मुखलिसपुर तिराहा होते हुए शुगर मिल चौराहे तक के लोगों को दुधिया रोशनी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे लोगों में निराशा दिख रही है।
महापुरुषों की प्रतिमाओं पर लगाई जा रही तिरंगा लाइटें
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जहां हर घर तिरंगा लगाने की तैयारी चल रही है, वहीं शहर में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर तिरंगा लाइटें लगाई जा रही हैं। इसके तहत बैंक चौराहा पर डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा, मुखलिसपुर तिराहे पर पंडित जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा तथा समय माता मंदिर के पास चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर तिरंगा लाइटें लगाई गई हैं। साथ ही बरदहिया बाजार में संतकबीर की प्रतिमा, मेंहदावल बाईपास पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा, रेलवे स्टेशन रोड पर पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर भी तिरंगा लाइटें लगाई जाएंगी।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र के कॉमर्शियल एरिया में स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य शुरू हो गया है। इसके तहत मेंहदावल बाईपास से आजाद चौक तक लाइटें लगा दी गई हैं। साथ ही महापुरुषों की प्रतिमाओं पर तिरंगा लाइटें लगाई जा रही हैं। इसमें बजट कम पड़ने के कारण डिमांड भेजा गया है। जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, शेष स्थानों पर भी स्ट्रीट लाइटें लगा दी जाएंगी।
सुरेश मौर्य, ईओ नगर पालिका परिषद खलीलाबाद