मृतक युवक की फाइल फोटो और रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महुली थाना क्षेत्र के सिसवनिया पुल से शुक्रवार को नदी में कूदे युवक का शव 22 घंटे बाद नदी से बरामद हुआ। एसडीआरएफ की टीम ने शव को नदी से बाहर निकाला। मां और भाभी ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान की। वह महुली थाना क्षेत्र के मानपुर के केवटहिया मोहल्ला का रहने वाला था।
परिजनों की मानें तो युवक आंख से धुंधलेपन की बीमारी से ग्रसित था। पुलिस शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई में जुट गई है। महुली थाना क्षेत्र के सिसवनिया पुल पर अपनी साइकिल खड़ा करके शुक्रवार अपराह्न एक युवक नदी में कूद गया। सूचना पर पहुंची पुलिस पहले स्थानीय गोताखोरों के माध्यम से नदी में शव की तलाश किया, जिसपर उन्हें सफलता नही मिली।
करीब चार घंटे बाद एसडीआरएफ टीम पहुंची। नदी में उतरकर सर्चिंग आपरेशन चलाया। लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान को बंद कर दिया था। शनिवार को टीम फिर से कुआनो नदी में उतरी। टीम नदी की धारा में शव ढूढने में जुट गई। नदी में छलांग लगाने वाले स्थान पर करीब आधा घंटे तक बोट को घूमते रहे।
एसडीआरएफ आगे पानी में लगभग छह किलोमीटर मुड़ाडीहा घाट तक गई। घंटों तक पानी में एक छोर से दूसरे छोर तक घूमती रही। दिन करीब साढ़े ग्यारह बजे नदी किनारे बैठे कुछ लोगों ने नदी में शव को उतराते देखा तो शोर मचाया। एसडीआरएफ की टीम बीच धारा में बह रहे शव को किनारे तट पर ले जाकर बाहर निकाला।
महुली क्षेत्र के ग्राम मानपुर के केवटहिया निवासी महिला लीलावती और युवक की भाभी ने शव की पहचान सूरज निषाद पुत्र महेंद्र निषाद 18 वर्ष के रूप में किया। परिजनों के अनुसार मृतक सूरज की आंख से कम दिखाई देता था। शुक्रवार को मां और भाभी इलाज के लिए अस्पताल गई थी। घर पर केवल सूरज निषाद मौजूद था।
परिजन दिन में साईकिल से घर से निकलने की आशंका व्यक्त कर रहे है। सूरज निषाद ने नदी में किस वजह से छलांग लगाकर यह कदम उठाया इसका जवाब परिजन नही दे पा रहे थे। दो महीने पहले मृतक के पिता महेंद्र निषाद और बड़ा भाई राहुल मुम्बई गए हैं। सूचना मिलने पर घर आने के लिए निकल चुके हैं। पुलिस पंचनामा भरकर विधिक कार्रवाई में जुट गई है।