मेंहदावल। विकासखंड की ग्राम पंचायत समोगर में वर्ष 2021-22 में प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों के मामले में दर्ज कराई शिकायत की जांच में पांच लोग अपात्र पाए गए थे। इनके खाते में आवास की प्रथम किस्त भी जा चुकी थी, जिसे अपात्र लाभार्थियों ने आहरण भी कर लिया था। उसी समय तत्कालीन डीएम ने धन वसूली का आदेश दिया, लेकिन विकासखंड इसमें फिसड्डी साबित हुआ। अब खंड विकास अधिकारी ने डीएम को पत्र भेजकर वसूली की कार्रवाई मालगुजारी की तरह करने की बात कही है।
वर्ष 2021-22 में मेंहदावल विकासखंड के ग्राम पंचायत समोगर निवासी राजेंद्र पांडेय ने डीएम के यहां अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देने की शिकायत दर्ज कराई थी। डीएम के आदेश पर एडीओ पंचायत के नेतृत्व में जब मामले की जांच की गई तो इसमें ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान का मिलीभगत सामने आया। जांच कमेटी ने सुनीता पत्नी शंकर, निर्मला पत्नी बुधीराम, ललबुनिशा पत्नी साबिर अली, ऐरुनिशा पत्नी अमानत तथा बुझारत पुत्र बरसाती को प्रधानमंत्री आवास के मामले में अपात्र पाया। इन पांचों अपात्रों के खाते में प्रधानमंत्री आवास की प्रथम किस्त 40,000 रुपये भेजी जा चुकी थी। जिसे अपात्रों ने खाते से आहरण भी कर लिया। जांच टीम ने जांच आख्या डीएम को भेजी। उस समय के तत्कालीन डीएम ने अपात्रों के खाते में भेजी गई आवास की प्रथम किस्त की वसूली का निर्देश विकासखंड को दिया, लेकिन करीब डेढ़ वर्ष का समय बीतने के बाद भी खंड विकास कार्यालय के जिम्मेदार समोगर ग्राम पंचायत के प्रधानमंत्री आवास के पांच अपात्रों से सरकारी धन राशि की वसूली नहीं कर पाए। इस मामले में 2 जून 2022 को खंड विकास अधिकारी मेंहदावल ने डीएम से इस ग्राम पंचायत के प्रधानमंत्री आवास के पांच अपात्र लोगों से अवमुक्त की गई धनराशि 40,000 रुपये की वसूली की कार्रवाई मालगुजारी के बकाया के रूप में कराने के लिए पत्र भेजा। इसके बाद भी धन की वसूली नहीं हो पाई है। जिसको लेकर जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खंड विकास अधिकारी सुरेश कुमार मौर्या का कहना है की ग्राम पंचायत समोगर में प्रधानमंत्री आवास के पांच लाभार्थी जांच में अपात्र पाए गए थे। नोटिस के बाद भी उक्त लोग आवास की प्रथम किस्त 40,000 रुपये जमा नहीं कर रहे। उस मामले में वसूली कराए जाने के लिए डीएम को पत्र भेजा गया है।