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विधायक निधि का मामला : टेंडर प्रक्रिया अपूर्ण, मौके पर मिला काम, भुगतान में पेच

Wed, 28 Jun 2023 11:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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शोभित कुमार पांडेय
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संतकबीरनगर। विकास खंड बेलहर कलां में विधायक निधि से बिना टेंडर 50 लाख रुपये का कार्य कराकर भुगतान लेने की कोशिश के मामले की डीएम की गठित टीम ने जांच की। पाया गया कि टेंडर प्रक्रिया पूर्ण नहीं थी और न ही खंड विकास कार्यालय से माप पुस्तिका जारी हुई थी। टीम ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। अब डीएम जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेजेंगे।
वर्ष 2021-22 में पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल ने विकास खंड बेलहर कला क्षेत्र में विधायक निधि से 50. 70 लाख रुपये से विकास कार्य कराने के लिए दस प्रस्ताव दिए थे। कार्यदाई संस्था विकास खंड बेलहर कला नामित हुई। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण संतकबीरनगर कार्यालय से चार जनवरी 2022 को इन परियोजनाओं पर स्वीकृति धनराशि के सापेक्ष 38,02,800 रुपये अवमुक्त कर दिए गए। 29 सिंतबर 2022 को विधायक अनिल त्रिपाठी ने सीडीओ को पत्र देकर बताया कि पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल ने जो दस प्रस्ताव दिए थे, वह विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण पूरी नहीं हो पाए है। विधायक ने टेंडर आदि की प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए उक्त प्रस्तावों पर कार्य कराने की सहमति जताई। इधर कुछ ठेकेदारों ने भुगतान कराने की कोशिश शुरू कर दी। ठेकेदारों ने भुगतान नहीं होने का मामला मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंचाया।
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अमर उजाला ने नौ नवंबर 2022 के अंक में बिना मंजूरी 50 लाख रुपये का कार्य करा भुगतान की कोशिश शीर्षक से खबर प्रकाशित किया। इसे संज्ञान लेकर तत्कालीन सीडीओ अतुल मिश्र ने प्रकरण की तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई। जांच रिपोर्ट में विधान सभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पूर्व विधायक के दस प्रस्तावों पर टेंडर नहीं हो पाने और कार्य नहीं कराने की पुष्टि होना दर्शा कर तत्कालीन सीडीओ ने भुगतान पर रोक लगा दिया था। इधर नौ मार्च पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल ने विशेष सचिव ग्राम्य विकास को शिकायती पत्र दिया। जिसमें विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि से कराए गए कार्यों की जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इधर कमिश्नर के निर्देश पर डीएम ने प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी में डीआरडीए के परियोजना निदेशक को अध्यक्ष और उपायुक्त श्रम रोजगार, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग को सदस्य नामित किया। जांच टीम ने 22 जून को प्रकरण की जांच की। जांच रिपोर्ट के मुताबिक अभिलेखीय साक्ष्यों के अनुसार कुल तीन फर्मो के जरिये प्रस्तुत टेंडर खोला गया है,लेकिन टेंडर खोलने के लिए खंड विकास अधिकारी के जरिये समिति गठन से संबंधित कोई अभिलेखीय साक्ष्य पत्रावली में उपलब्ध नहीं है।
टेंडर खोलने पर तीन लोगों के हस्ताक्षर है,जिन पर पद नाम एवं दिनांक को कोई उल्लेख नहीं है। टेंडर का तुलनात्मक विवरण पत्रावली में संलग्न नहीं है। विकास खंड से प्राप्त अभिलेखीय साक्ष्यों के अनुसार निविदा की कार्यवाही पूर्ण नहीं है। खंड विकास अधिकारी बेलहर कला ने चार अगस्त 2022 को अवगत कराया है कि विधायक निधि योजना के अंतर्गत कार्य को कराने के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी, जिसे आठ जनवरी 2022 को शाम चार बजे खोला जाना था, लेकिन उसी दिन अपराह्न दो बजे विधान सभा निर्वाचन आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण निविदा की कार्यवाही संपन्न नहीं की जा सकी।
सामग्री आपूर्ति के लिए विकास खंड स्तर से कोई भी कार्यादेश निर्गत संबंधी कोई अभिलेख पत्रावली में नहीं है, लेकिन बीडीओ बेलहर कला ने दस परियोजनाओं पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत सभाजीत यादव को कार्य प्रभारी नामित किया गया है। टीम की जांच में दस परियोजनाओं पर कार्य होना पाया गया। उक्त दस परियोजनाओं पर मापी के संंबंध में विकास खंड स्तर पर माप पुस्तिका उपलब्ध नहीं है। तत्कालीन पटल सहायक ने लिखित अवगत कराया कि 10 परियोजनाओं से संबंधित कोई माप पुस्तिका कार्यालय से जारी नहीं की गई है। ऐसे में फिर भुगतान में पेच फंस गया है।
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इंसेट
मंडलायुक्त के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित कर प्रकरण की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने और माप पुस्तिका जारी नहीं किए जाने की बात सामने आई है। जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेजी जाएगी। जैसा मंडलायुक्त का निर्देश होगा, वैसी कार्रवाई आगे की जाएगी।
-संदीप कुमार, डीएम
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