विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने दिया आदेश, 55 हजार रुपया अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी की कोर्ट ने किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने व पॉक्सो एक्ट में दोषी पाए जाने पर 33 वर्षीय आरोपी को 10 वर्ष सश्रम कारावास और 55000 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर 12 माह साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र शुक्ला, अभिमन्यु पाल एवं सत्य प्रकाश गुप्ता ने बताया कि कोतवाली थाना खलीलाबाद क्षेत्र के रहने वाले किशोरी के पिता ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि 29 अगस्त 2013 को उसकी पुत्री कक्षा 11 की छात्रा है। वह स्कूल पढ़ने के लिए घर से गई और काफी समय हो जाने के बाद भी वापस नहीं आई।
खोजबीन में पता चला कि पुत्री को गांव के ही दो आरोपियों के साथ जाते देखा है। तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद पर दो आरोपियों के विरुद्ध किशोरी को बहला-फुसला कर अपहरण करने व पाॅक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज हुई। विवेचना के बाद एक आरोपी के विरुद्ध अपहरण व दुष्कर्म तथा पॉक्सो एक्ट का आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपी ने उक्त आरोप से इन्कार करते हुए विचरण की मांग किया। कोर्ट ने अभियोजन साक्षी के गवाहों मेडिकल रिपोर्ट अभिलेखीय साक्ष्य तथा पक्षों की बहस को सुनने के बाद 10 वर्ष सश्रम कारावास और 55000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।