- नदी पर बने पुल की रेलिंग पर बैठे किशोर के नदी में गिर कर डूबने की सूचना पर जुटी भीड़
- नाथनगर के एक दंपती ने सुबह से लापता बेटे के होने की जताई आशंका
- पुलिस ने सड़क पर डंडा भांजकर भीड़ को किया तितर- बितर
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। नाथनगर - महुली- बस्ती मार्ग पर अलीनगर के पास कठिनईया नदी पर बने पुल की रेलिंग पर बैठे किशोर के बृहस्पतिवार को नदी में गिर कर डूब जाने की सूचना पर भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में डूबे किशोर की तलाश शुरू कराई। इधर तीन घंटे तक पता नहीं चलने पर ग्रामीण उग्र हो गए।
एसडीआरएफ टीम बुलाने की मांग को लेकर मार्ग जाम कर दिया। जाम से करीब 15 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की। लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो हटाने के लिए सड़क पर डंडा पीटना पड़ा। बाद में पीएसी की टीम पहुंच गई और तलाश शुरु की। लेकिन किशोर का पता नहीं चल सका।
बृहस्पतिवार की सुबह अलीनगर के कठिनईया पुल के पास अलीनगर निवासी साधू नित्यक्रिया के लिए गए थे। उसी दौरान पुल की रेलिंग पर बैठे किशोर को नदी में गिरता देखकर शोर मचाने लगे। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर महुली पुलिस भी पहुंच गई और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में डूबे किशोर की तलाश शुरु कराई।
इसी बीच नाथनगर के रहने वाले एक दंपती पहुंंचे और सुबह से घर से लापता अपने 17 साल के बेटे के होने की आशंका जाहिर की। इधर तीन घंटे बीत जाने के बाद जब नदी में किशोर का पता नही लग सका तो दंपती के साथ भीड उग्र हो गई। भीड़ नाथनगर-महुली मार्ग पर बैठ कर जाम लगा दिया। करीब दस मिनट तक जाम लगा रहा। पुलिस ने लोगों को समझाकर किसी तरह जाम हटवाया।
इसी बीच एसडीएम उत्कर्ष श्रीवास्तव, अतिरिक्त एसडीएम रत्नेश तिवारी भी पहुंच गए। बाद में ग्रामीण एसडीआरएफ की टीम बुलाने की मांग को लेकर जाम लगा दिए। एसडीएम ने लोगों से वार्ता कर जाम समाप्त करने की अपील की। लेकिन जब भीड़ नही मानी तो पुलिस ने सड़क पर डंडा पीटकर भीड़ को तितर- बितर किया।
करीब नौ घंटे बीतने के बाद आजमगढ़ पीएससी टीम के शिव कुमार के साथ अन्य जवान पहुंच गए। नदी में उतरकर किशोर की तलाश की लेकिन देर शाम तक किशोर का पता नही चल सका। एसडीएम उत्कर्ष श्रीवास्तव ने बताया कि पीएससी की टीम नदी में डूबे किशोर की तलाश कर रही है।