संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों का प्रमोशन अप्रैल में ही होना था। इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति तिथि व जन्म प्रमाण मांगा गया था। यह प्रमोशन पांच अप्रैल तक की जानी थी, लेकिन अभी तक शिक्षकों का प्रमोशन नहीं हो पाया गया। इससे शिक्षकों में मायूसी है।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 2017 के बाद से शिक्षकों का प्रमोशन नहीं हुआ। इधर शासन ने मार्च में शिक्षकों के प्रमोशन की तिथि जारी की थी। इसमें पांच वर्ष की सेेेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों को आवेदन करना था। विभाग ने शिक्षकों के जन्म प्रमाण और नियुक्ति तिथि मांगी थी। इस पर 832 शिक्षकों ने आवेदन किया। उसके बाद मार्च के अंतिम सप्ताह में शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी हुई थी।
उस सूची पर 30 मार्च तक आपत्ति मांगी गई। 15 अप्रैल तक प्रमोशन होना था और 29 अप्रैल तक शिक्षकों को अपनी नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना था। वरिष्ठता सूची पर 111 शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। आपत्तियों का निस्तारण भी हुआ, लेकिन अभी तक शिक्षकों की प्रमोशन सूची जारी नहीं हो सकी है। इसको लेकर शिक्षक लगातार बीएसए कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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विभाग लगातार शिक्षकों को गुमराह कर रहा है, अभी तक शिक्षकों की अंतिम वरिष्ठता सूची तक जारी नहीं हो पाई है, इससे शिक्षक असमंजस में हैं। विभाग शिक्षकों का तत्काल प्रमोशन कर उन्हें तैनाती दे।
-नवीन त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष राज्य शैक्षिक महासंघ
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शिक्षकों के प्रमोशन की तिथि मुख्यालय से बढ़ा दी गई है। मई के अंतिम सप्ताह में प्रमोशन होना है, इसके लिए दो दिनों में शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी कर दी जाएगी, मुख्यालय का जैसा निर्देश होगा उसी के अनुरूप प्रमोशन किया जाएगा।
-अतुल कुमार तिवारी, बीएसए