संतकबीरनगर। प्रांतीय निर्देश के क्रम में बृहस्पतिवार को शिक्षकों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। महानिदेशक स्कूल शिक्षा को संबोधित 22 सूत्री मांग पत्र बीएसए अतुल कुमार तिवारी को सौंपा। इसके साथ ही सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी के नेतृत्व में शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर नारेबाजी करते हुए धरना दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षकों की कई महत्वपूर्ण समस्याएं काफी लंबे से समय से लंबित हैं। यह समस्याएं जनपद के अलावा ही प्रदेश स्तरीय भी हैं। इनके समाधान में लाखों शिक्षकों तथा परिषदीय विद्यालयों का हित जुड़ा हुआ है। सरकार का इन पर ध्यान न देने से शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने नि:शुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने तथा प्रत्येक विद्यालय में विभागीय सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक संविदा कर्मी को नियुक्त करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि महासंघ ने पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षकों के ऑनलाइन निरीक्षण पर तत्काल रोक लगाने, प्रतिवर्ष नियमित स्थानांतरण करने, अंतरजनपदीय स्थानांतरण की सीमा को 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत करने तथा पारस्परिक अंतरजनपदीय स्थानांतरण के जारी आदेश का तत्काल क्रियान्वयन कराए जाने की मांग की। इसके अलावा शिक्षकों की पदोन्नति तत्काल करने, 15 दिन का उपार्जित अवकाश देने, हॉफ-डे लीव अवकाश, सामूहिक बीमा योजना एवं दुर्घटना बीमा, स्कूल में चौकीदार रखने आदि समेत सभी मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।
इस अवसर पर धर्मेंद्र नाथ राय, रेनू अग्रहरि, कोषाध्यक्ष आरिफ जमाल अंसारी, दिनेश कुमार शुक्ल, श्याम नारायण सिंह, जनार्दन यादव, आलोक यादव, मनोज पांडेय, हरिप्रकाश पाठक, सर्वेश त्रिपाठी, जय प्रकाश राव, रामकेश, संदीप दूबे, संदीप त्रिपाठी, योगेंद्र यादव, अंशुमान सलभ, इजहार, सर्वेश राय, जयप्रकाश, आनंद सिंह, अमरेश चौधरी, संतोष पांडेय, सुधाकर मिश्रा, कमलेश यादव आदि मौजूद रहे।
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लेखाधिकारी पर लगाया अभद्रता का आरोप
संतकबीरनगर। बीएसए आफिस पर सांकेतिक धरने के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी तथा कुछ शिक्षक फाॅर्म-16 न मिलने के मुद्दे पर वार्ता करने लेखाधिकारी के कार्यालय में गए। वार्ता के दौरान ही आदेश के बाद भी एक शिक्षिका का वेतन न लगाए जाने के सवाल पर लेखाधिकारी भड़क गए। जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी का आरोप है कि लेखाधिकारी शिक्षकों से अमर्यादित तरीके से बात करते हुए अभद्रता पर उतर आए। उनके इस रवैये पर शिक्षकों ने कड़ी आपत्ति जताई। इसके बाद नाराज शिक्षक डीएम कार्यालय पहुंचे। वहां डीएम के न मिलने पर एसडीएम ख़लीलाबाद को शिकायती पत्र देकर लेखाधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।