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Sant Kabir Nagar News: विश्व जल दिवस सरोवर में सूख गया ‘अमृत’, कुछ में कीचड़, कहीं गिर रहा नाली का पानी

Fri, 24 Mar 2023 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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सांथा ब्लॉक ग्राम पंचायत गोइठहा में शिव मंदिर परिसर में स्थित तालाब अमृत सरोवर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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संतकबीरनगर। आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष 2022 में शुरू हुआ तो तय हुआ था कि जिले की 143 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर का निर्माण कराकर स्वतंत्रता दिवस पर वहीं ध्वजारोहण होगा। नतीजा यह हुआ कि अमृत सरोवर निर्माण की रफ्तार ध्वजारोहण तक ही सीमित रह गई। इसके बाद जिम्मेदारों ने सरोकार रखना बंद कर दिया। काम ने ऐसी सुस्ती पकड़ी कि अभी तक सिर्फ 143 अमृत सरोवर ही बनकर तैयार हो सके, जबकि अगस्त 2023 तक सभी 754 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य है।
जिन सरोवरों का निर्माण कार्य पूरा बताया जा रहा है, धरातल पर उसकी भी हालत बहुत खराब है। ज्यादातर सरोवर सूखे पड़े हैं तो कई में नाली का गंदा पानी गिर रहा है। कुछ में जमा कीचड़, इनकी खूबसूरती के दावों का सच बयां कर रहा है। विश्व जल संरक्षण दिवस के मौके पर अमर उजाला की पड़ताल में यह सामने आया कि पिछले स्वतंत्रता दिवस तक तालाब से तेज ध्वजारोहण के लिए चबूतरे का निर्माण हुआ।
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जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों ने राष्ट्रध्वज फहराया और फिर सरोवर के काम की रफ्तार घटती चली गई। कुछ पंचायतों में निर्माण कार्य पूरा मिला, मगर ज्यादातर जगहों पर तालाब को आकार देकर छोड़ दिया गया है। ज्यादातर तालाबों का पक्का निर्माण बाकी है तो किसी पंचायत में मनरेगा और राज्य वित्त में बजट का रोना रोया जा रहा है।
वहीं सरोवर के लिए नोडल बनाए गए मनरेगा विभाग का कहना है कि पिछले साल 2022 में जब योजना शुरु हुई तो जिले में 143 सरोवर बनाए जाने थे। बाद में तय हुआ कि सभी पंचायतों में सरोवर बनाए जाएंगे। इसमें नए तालाब के अलावा पुराने जीर्णोद्धार भी शामिल है। अब तक 143 तालाब बन पाए हैं। नौ ब्लॉकों में 141 नए तालाब लिए गए हैं।
इंसेट तालाब में जमी है चार इंच मोटी काई हैंसर बाजार क्षेत्र के मलौली का अमृत सरोवर, विभाग के सभी दावों को मुंह चिढ़ा रहा है। तालाब में चार इंच मोटी काई जमी है। सीढ़ी नहीं बनी है। पौधरोपण नही हुआ। बेंच भी नहीं है। बाकी का भी यही हाल है। कहीं तालाब सूखे हैं तो कहीं कीचड़ फैला है। कोई भी वहां बैठ नहीं सकता।
ऐसा ही खाजो का भी है। यहां अमृत सरोवर में पानी भी कम है। काम आधा- अधूरा है। ब्लॉक क्षेत्र में 40 सरोवर प्रस्तावित हैं, जबकि अब तक मलौली,खाजों, घोरांग, सिरसी, गोपीपुर समेत 15 गांवों ही ही बन पाए है।

पानी कम हो जाने के बाद बाकी सरोवरों का भी अप्रैल तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
-महावीर सिंह, बीडीओ

आधा- अधूरा हुआ है कार्य
सांथा विकास खंड के 35 ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इसमें 16 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर का निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने का दावा प्रशासन कर रहा है, लेकिन हकीकत उलट है। न सीढ़ी बनाई गई है, न कहीं बेंच लगाए गए हैं। अलबत्ता सरोवर किनारे ध्वजारोहण के लिए बना चबूतरा जरूर चमक रहा है। आधा- अधूरा निर्माण कार्य करवा छोड़ दिया गया है। बीडीओ का कहना है कि ब्लॉक में प्रस्तावित गांवों में जल्द ही कार्य शुरु करा दिया जाएगा।
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कहीं बेंच नहीं, तो कहीं सीढ़ी नहीं बनी
सेमरियावा ब्लॉक क्षेत्र में 32 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर का निर्माण प्रस्तावित है। इसमेंं से 16 में कार्य पूर्ण किए जाने का दावा है, जबकि हकीकत इससे अलग है। क्षेत्र के डडंवामाली, कानपार, महुआरी में कराया कार्य आधा-अधूरा है। यहां सीढ़ी नही बनी है। बेंच नहीं बनी हैं। पौधरोपण भी नहीं दिखा। सिर्फ मिट्टी का कार्य हुआ है। कुछ प्रधानों का कहना है कि धन की कमी से काम प्रभावित हो रहा है। वहीं ब्लॉक के बीडीओ विनोद मणि त्रिपाठी का कहना है अधूरे कार्य पूरे कराए जा रहे हैं। जल्द ही प्रस्तावित गांवों में भी काम शुरू कराकर तय समय पर पूरा कर लिया जाएगा।

समय माता मंदिर पोखरे की बदल रही तस्वीर
नगर पालिका खलीलाबाद और विस्तारित क्षेत्रों में करीब 15 पोखरे है। शहर के ऐतिहासिक समय माता मंदिर पोखरे का जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है। इस पोखरे में गिरने वाला गंदा पानी रोक दिया गया है। इस पोखरे की स्थिति सुधरने की पूरी उम्मीद है। वहीं बरईटोला में कराया गया कार्य अधूरा है। बिधियानी पोखरे में लोगों के घरों का गंदा पानी गिर रहा है। जिसकी वजह से पोखरा दूषित हो गया है। ईओ विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि शहरी क्षेत्र के सभी पोखरों का सुंदरीकरण कराया जाएगा। नगरीय झील,तालाब योजना के तहत कार्य योजना तैयार करा कर शासन को शीघ्र ही भेजा जाएगा।
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अगस्त 2023 तक सभी ग्राम पंचायतों में स्थित पोखरों का सुंदरीकरण कराया जाना है, लेकिन जो अमृत सरोवर का मानक है, उसके मुताबिक पोखरा न्यूनतम एक एकड़ का होना चाहिए। पोखरे तक जाने का रास्ता होना चाहिए। गांवों का गंदा पानी अमृत सरोवर में नही जाना चाहिए। इस पात्रता के आधार पर पोखरों का चिन्हित कराया जा रह है,लेकिन कुछ ग्राम पंचायतों में तय मानक के अनुसार पोखरे नहीं मिल रहे है। जो कार्य प्रस्तावित है,उसे शीघ्र पूरा कराय जाएगा। तय समय सीमा में शासन के लक्ष्य के मुताबिक कार्य कराए जाएंगे।
- संत कुमार,सीडीओ
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