पुलिस की कार्यशैली को बेहतर बनाने के लिए कवच का काम करेगा स्वरक्षा एप
बच्चा चोरी की बढ़ती अफवाहों को रोकने के मद्देनजर एसपी संतकबीरनगर ने तैयार किया एप
- एप के जरिए संदिग्धों का सत्यापन करना होगा आसान
संतकबीरनगर। बच्चा चोरी की बढ़ती अफवाहों पर विराम लगाने के लिए संतकबीरनगर पुलिस ने नई पहल शुरू की है। इसके लिए एसपी सोनम कुमार ने स्वरक्षा एप तैयार किया है। जिसके जरिए संदिग्धों का सत्यापन करना आसान होगा। इसके साथ पुलिसिंग को बेहतर बनाने में यह एप कवच का काम करेगा। गोरखपुर जोन के एडीजी अखिल कुमार ने इस एप को पूरे प्रदेश में लागू किए जाने के लिए डीजीपी कार्यालय को भेजने की बात कही है।
दस दिन पूर्व तेजी के साथ बच्चा चोरी की अफवाह उड़ी। इससे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई, वहीं दूसरी ओर निर्दोष लोगों को बच्चा चोर समझकर भीड़ ने पीटने में भी गुरेज नहीं की। ऐसी कई घटनाएं जिले में घटित हुई। धनघटा क्षेत्र में अपने बच्चों के साथ अंबेडकरनगर से आए शख्स को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझ लिया और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो मामला झूठा निकला। इसी तरह कोतवाली के कांटे क्षेत्र के एक गांव में भीड़ ने एक साधु को बच्चा चोर समझ कर पीट दिया था। मेंहदावल क्षेत्र में भी ऐसी घटना घटी। बच्चा चोरी की बढ़ती अफवाहों को लेकर संतकबीरनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर आदि जिलों की पुलिस काफी परेशानी हुई। पुलिस ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम के अलावा लाउडस्पीकर से ऐसी घटना को महज अफवाह बताकर लोगों को जागरूक करने की कोशिश शुरू की। इसके अलावा थाना और चौकी स्तर पर संभ्रातजनों की बैठकें कर उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत कराया गया। यहां तक की पूर्व डीएम ने मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की पूरी कोशिश की। वहीं दूसरी तरफ एसपी संतकबीरनगर सोनम कुमार ने स्कूलों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और अभिभावकों की पुलिस लाइंस सभागार में दस दिन पूर्व बैठक बुलाई थी। जिसमें उनकी समस्याएं सुनी और खुद के जरिए तैयार स्वरक्षा एप के बारे में चर्चा किया। स्वरक्षा एप की खासियत यह है कि इसके जरिए संदिग्धों का सत्यापन करना आसान है। इस एप को स्कूलों के गार्ड, प्रधानाचार्य, शिक्षक, स्कूल वाहनों के चालक और हेल्पर के मोबाइल में अपलोड कराने का कार्य शुरू करा दिया गया है। जब भी कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखेगा तो उसकी तस्वीर मोबाइल में खींच लेना है। इसके साथ लोकेशन, संदिग्ध व्यक्ति किस साधन से था आदि विवरण अंकित करना होगा। उसके बाद सीधे संदिग्ध के बारे में सारी सूचनाएं पुलिस तक पहुंच जाएगी। उसके बाद पुलिस संदिग्धों का सत्यापन आसानी से करके धरकपड़ कर सकेगी। भविष्य में इसे एटीएम गार्ड और बैंकों के कर्मियों की मोबाइल में भी अपलोड कराए जाने की योजना है।
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एचआर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रामकुमार सिंह और सूर्या इंटर नेशनल एकेडमी के प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव ने कहा कि एसपी के जरिए तैयार स्वरक्षा एप काफी कारगर है। इसके प्रयोग से संदिग्धों की पहचान में जहां आसानी होगी, वहीं स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा। ब्लूमिंग बर्ड्स एकेडमी इंडस्ट्रीयल एरिया के प्रधानाचार्य जीसी पांडेय और खलीलाबाद पब्लिक स्कूल के प्रबंधक विनोद यादव ने कहा कि एसपी की पहल वाकई में तारीफे काबिल है। इससे अपराध और अपराधियों पर जहां अकुंश लगेगा, वहीं बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता दूर होगी।
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बच्चा चोरी की बढ़ती अफवाहों को दूर करने और संदिग्धों की पहचान आसानी से हो, इसके लिए स्वरक्षा एप तैयार किया गया है। इसके लिए संदिग्धों का सत्यापन करना पुलिस के लिए आसान होगा। एडीएजी जोन गोरखपुर ने इस एप को पूरे प्रदेश में लागू किए जाने के लिए डीजीपी मुख्यालय भेजे जाने की बात बताई है। इसका मानक संचालक प्रक्रिया तैयार कर एडीजी जोन को उपलब्ध करा दिया गया है। वेसे पूर्व में गोरखपुर में तैनाती के दौरान डायनमिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम एप तैयार किए थे। इस एप के जरिए मगहर में आयोजित राष्ट्रपति के कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी।
सोनम कुमार,एसपी