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Sant Kabir Nagar News: पढ़ाई हिंदी माध्यम...पेपर मिला अंग्रेजी का

Wed, 20 Mar 2024 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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- परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा का हाल
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- प्रश्नपत्र देखते ही बच्चे घबराए, नहीं लिख पाए प्रश्नों का सही जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद में बुधवार से शुरू हुई परिषदीय विद्यालय की परीक्षाओं के पहले ही दिन असहज स्थिति उत्पन्न हो गई। हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले जूनियर हाईस्कूल के बच्चों को गणित का पेपर अंग्रेजी में बांटा गया। पेपर देखते ही बच्चे चकरा गए। काफी देर तक बच्चों को यही समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर पूछा क्या गया है।
इधर-उधर ताक-झांक करने के बाद कुछ बच्चे तो सवालों के जवाब लिखने में सफल हो गए मगर बहुत सारे बच्चों की काॅपियां खाली रह गईं। सवालों का सही जवाब जानने के बाद भी बच्चे माध्यम की गड़बड़ी के चलते सही उत्तर नहीं लिख पाए। प्रश्नपत्रों के अंग्रेजी माध्यम में छपने को लेकर जनपद में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं।
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बताते चलें कि परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई का माध्यम हिंदी है। नई शिक्षा नीति में अब बच्चों को उनकी मातृभाषा में भी शिक्षा दी जाएगी। बुधवार को शुरू हुई परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा में जूनियर हाईस्कूल में दिए गए गणित के प्रश्न पत्र हिंदी के बजाय अंग्रेजी माध्यम में छपे मिले। जैसे ही बच्चों के बीच प्रश्नपत्र बांटा गया, वह घबरा गए। बच्चों की हालत देख शिक्षक भी परेशान हो गए। बच्चे शिक्षकों से लगातार शिकायत करते रहे कि उन्हें पूछे गए सवाल का ठीक से अर्थ समझ में नहीं आ रहा है। किसी तरह कुछ बच्चों ने तो प्रश्नों को हल किया मगर बहुत सारे बच्चे प्रश्नों को ठीक से न समझ पाने के कारण सवालों का सही जवाब नहीं दे सके।

40 मिनट तक समझते रहे प्रश्नपत्र
जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद में कक्षा आठ की तान्या, नैना, कक्षा छह की अराधना और जया ने बताया कि प्रश्नपत्र समझ में नहीं आ रहा था। करीब 40 मिनट बाद प्रश्नपत्र हिंदी में मिला तब जाकर हल किया। प्रधानाध्यापिका विजय लक्ष्मी ने बताया कि प्रश्नपत्र अंग्रेजी में था। उसमें दो प्रश्नपत्र हिंदी में थे। जिसकी फोटो काॅपी कराकर बच्चों में वितरित किया गया। इसी तरह से कंपोजिट बूढ़ी बेलहर, कंपोजिट सांथा समेत अन्य विद्यालयों का यही हाल रहा।

फर्म बदलने को लेकर हो रही तमाम चर्चाएं
पिछले कई वर्षों से परिषदीय विद्यालयों की परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की छपाई का कार्य एक स्थानीय फर्म करती थी। इस बार छपाई का कार्य इस फर्म को न देकर जनपद के बाहर के किसी फर्म को दे दिया गया। इसके पीछे की मंशा क्या थी, इसको लेकर तमाम चर्चाएं हो रहीं हैं। दबी जुबान ही सही, लोग विभाग के जिम्मेदारों पर उंगली उठा रहे हैं।


कला विषय के पेपर से बच्चे परेशान
बुधवार को दूसरी पाली में कक्षा चार व पांच की कला विषय का पेपर था। बच्चे चित्र आदि बनाने को लेकर पहले से ही उत्साहित थे। मगर पेपर मिलते ही उनमें मायूसी छा गई। पिछले कई वर्षों की तुलना में इस बार कक्षा चार व पांच के कला का पेपर सामान्य की अपेक्षा काफी कठिन आया था। प्रश्नों को बहुविकल्पीय, अति लघुउत्तरीय व लघुउत्तरीय श्रेणी में बांटा गया था। जिससे प्रश्नों की संख्या ज्यादा हो गई थी।
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सभी विद्यालयों में प्रश्नपत्र भेजा जा चुका है, जहां पर अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई है, वहां अंग्रेजी में छपा प्रश्नपत्र भेजा गया है। प्रधानाध्यापकों को पहले ही बता दिए गए थे कि प्रश्नपत्र कम हो तो उसकी सूचना दें। सभी जगह परीक्षा सही तरीके से हुई है।
- अमित कुमार सिंह, बीएसए
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