- हर रोज बेटियों को ढूंढने की गुहार लगाने पुलिस कार्यालय पहुंचते है पीड़ित परिजन
- जनवरी से अब तक अपहृत 22 किशोरियों का नहीं चल सका है पता
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई का दावा तो पुलिस करती है, लेकिन हकीकत इससे अलग है। जनवरी से लेकर अब तक अपहृत हुईं 22 किशोरियों का पुलिस पता नहीं लगा सकी है। कोई न कोई पीड़ित परिजन हर रोज पुलिस कार्यालय फरियाद लेकर पहुंच रहे है। एसपी ने इसे गंभीरता से लिया है और अपहृत किशोरियों को ढूंढने के लिए स्पेशल टीम गठित की है।
एसपी ने थानेवार अपहृत हुईं ऐसी किशोरियां जो अभी तक ढूंढीं नहीं जा सकी हैं। उन्हें चिह्नित कराया है। इसमें खलीलाबाद और धनघटा में पांच-पांच किशोरियां अभी तक नहीं मिली है। जबकि दुधारा में दो, महुली में चार, मेंहदावल में तीन, बखिरा, बेलहर कला और धर्मसिंहवा में एक-एक किशोरियाें का पता नहीं चला है। एसपी ने थाने स्तर से स्पेशल टीम गठित की है। इसमें सर्विलांस सेल भी लगाया है। किशोरियाें अथवा आरोपी के मोबाइल नंबर को ट्रेस करने का काम शुरू कराया है। पुराने मोबाइल अथवा सिम जो भी काम कर रहे हैं, उसके जरिए लोकेशन ट्रेस करके वहां पुलिस टीम को भेजने का निर्देश दिया है। इसमें पीड़ित परिजन का भी सहयोग लेकर तलाश की जाएगी। आरोपियों के परिजन और उसके सगे संबंधियों से पूछताछ करने का निर्देश दिया है।
केस नंबर-एक
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली आठ साल की बालिका नौ मई 2023 से लापता है। पीड़ित मां ने अज्ञात के खिलाफ बेटी को बहला फुसला कर भगा ले जाने का केस दर्ज कराया है। पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई कि आरोपी कौन है। पीड़ित मां ने बताया कि कई बार कोतवाली और एसपी कार्यालय जा चुकी है और बेटी को ढूंढने की गुहार लगा चुकी है। बेटी कहां है, किस हाल में है, यह सोचने से मन घबरा जाता है।
केस नंबर- दो
दुधारा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 साल की किशोरी आठ मार्च 2023 से लापता है। पीड़ित पिता ने अज्ञात के खिलाफ बेटी को बहला फुसला कर भगा ले जाने का केस दर्ज कराया है। पुलिस आरोपी को चिन्हित कर ली है,लेकिन अभी तक न तो किशोरी मिली है और न आरोपी। पीड़ित पिता का कहना है कि कई बार एसओ,सीओ और एसपी से मिल चुके है, लेकिन अभी तक बेटी का पता नहीं चला है।
केस नंबर- तीन
महुली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी 25 अप्रैल से लापता है। परिजन नाते-रिश्तेदारों के वहां तलाश के बाद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराए। पुलिस अभी तक किशोरी के बारे में जानकारी नहीं कर पाई है। पीडि़त पिता ने बताया कि बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंता है। समाज में बदनामी तो हो गई। बेटी के नही मिलने से मन दुखी रहता है। कई बार थाने से लगायत पुलिस कार्यालय का चक्कर काट चुके है।
इंसेट
मेंहदावल क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी सात फरवरी 2023 से लापता है। पीड़ित पिता ने गोरखपुर के रहने वाले आरोपी युवक और बेटी को भगाने में सहयोग करने वाली गांव की महिला के खिलाफ केस दर्ज कराया है। अभी तक पुलिस इस मामले में कोई सफलता नहीं पाई है। पीड़ित पिता का कहना है कि मेंहदावल थाने से लेकर सीओ और एससपी,एएसपी तक फरियाद कर चुके है, लेकिन बेटी का पता नहीं चला।
इंसेट
मोबाइल शौक बन गया है। हर कोई स्मार्ट मोबाइल का प्रयोग कर रहा है। अभिभावकों को अपने काम में इतनी व्यस्तता है कि अपने पाल्यों की ओर ध्यान नहीं देते है। जिसकी वजह से किशोर- किशोरियां गलत कदम उठा ले रहे हैं। संयुक्त परिवार में अनुशासन होता था, लेकिन एकल परिवार में यह सब समाप्त हो चुका है। संस्कार की कमी आ रही है। इसी वजह से किशोर-किशोरी बहक रहे हैं और घर से भाग जा रहे हैं।
डॉक्टर मंजू मिश्रा, मनोवैज्ञानिक
इंसेट
अपहृत किशोरियों की तलाश के लिए थाने स्तर से स्पेशल टीम लगाई गई है। इसमें सर्विलांस सेल भी सहयोग करेंगी। जहां कहीं किशोरियों का लोकेशन मिलेगा, वहीं पुलिस टीमें भेजी जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही अपहृत किशोरियों का पता लगाकर पुलिस उन्हें ढूंढ निकालेगी।
सत्यजीत गुप्ता, एसपी