रोसया बाजार। लक्ष्य हासिल करने के लिए ईमानदारी से मेहनत की जाए तो सफलता मिल ही जाती है। ऐसा ही ग्राम पंचायत महेश्वरपुर और आस-पास के गांवों के युवाओं ने करके दिखाया है। युवाओं ने कुआनो नदी के किनारे खेल का मैदान बनाया और नियमित दौड़ कर अभ्यास किया। छह वर्षों में इस मैदान में दौड़ लगाने वालों में महेश्वरपुर और आस-पास के गांवों के करीब 45 से अधिक युवा सेना और पुलिस में भर्ती होकर देश और समाज की सेवा कर रहे हैं।
महेश्वर पुर गांव निवासी व सेना के जवान महेंद्र यादव, प्रकाश चंद्र मिश्रा बताते हैं कि उनके गांव में खेलकूद के लिए कोई सार्वजनिक मैदान नहीं था। इस कारण यहां के युवा चाह कर भी खेलकूद, योगा, दौड़ का अभ्यास नहीं कर पा रहे थे। वर्ष 2017 में युवाओं के मन में विचार आया कि कुआनों नदी के किनारे खेल का मैदान बनाया जाए। नदी के किनारे की जमीन को युवाओं ने मेहनत करके समतल बनाया। उसके बाद रोजाना सुबह-शाम गांव के करीब 20 युवा नदी किनारे दौड़ लगाने के साथ व्यायाम भी करने लगे। इस बात की जानकारी जब अगल-बगल के गांवों के युवाओं को हुई तो रीठा महेश्वरपुर मटिहना परसहर, पचरा, दूल्हापार, शनिचरा, परमेश्वरपुर ,भिटनी, नगुआ, गजाधरपुर, खेवसिया अमौली आदि गांवों के युवा भी यहां दौड़ लगाने पहुंचने लगे। वर्ष 2018 और वर्ष 2019 में पुलिस और सेना की भर्ती शुरू हुई तो कई युवाओं ने हिस्सा लिया। उनमें सुनील चौधरी, राजन चौहान, संजय यादव, नन्हे उपाध्याय, विजय सिंह, दीपक यादव, अनीता मिश्रा ,संतोष यादव ,नीरज यादव, सुमित समेत 45 से अधिक ने सफलता अर्जित की। अब इस मैदान पर सुबह-शाम महेश्वरपुर और आस-पास के गांव के काफी संख्या में युवक दौड़ लगाते हैं। दौड़ लगाने वाले विजय सिंह, गुड्डू यादव, सुभाष, रवि शर्मा, जोखू यादव आदि बताते हैं कि अभ्यास करने के लिए कोई खेल का मैदान नहीं है। इस वजह से कुआनो नदी किनारे बनाए गए मैदान में वे दौड़ का अभ्यास करते है। उनकी सोच है कि वे सेना और पुलिस में भर्ती होकर देश व समाज की सेवा करेंगे। इसी खेल के मैदान में दौड़ का अभ्यास करके लगभग 45 युवा मंजिल हासिल कर चुके हैं। उन्हें भी भरोसा है कि संसाधन की कमी आड़े नहीं आएगी। लोगों की मेहनत जरूर रंग लाएगी।