संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। उप जिलाधिकारी खलीलाबाद की कोर्ट में दंपती ने अपने ही बेटे और बहू पर घर से निकाल देने का आरोप मढा और प्रार्थना पत्र देकर फरियाद की। जिस पर सुनवाई के बाद उप जिलाधिकारी कोर्ट ने दोनों पुत्रों, बहुओं को 31 अगस्त को हाजिर होने का आदेश दिया है।
अधिवक्ता मोहम्मद इश्तियाक खान ने बताया कि पीड़ित हरिशचंद व उसकी पत्नी सरोजा निवासी बड़गों खलीलाबाद ने एसडीएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें कहा है कि वह दोनों वृद्ध हैं। अपने जमीन में मकान और शौचालय का निर्माण करवाया। जबकि बैनामा जमीन में टीनशेड डलवाया है। उसके बड़े बेटे अजय शर्मा को पढ़ाया लिखाया तथा दीपा से शादी करवाया। उसकी भी आर्थिक मदद की। दीपा ब्यूटी पार्लर चलाती है तथा सरकारी अस्पताल बघौली में आशा के पद पर कार्यरत है। दूसरे लड़के विपक्षी संख्या तीन को दो बार डेढ़ लाख रुपये खर्च करके दुबई भेजे थे। जिसमे बीमा से 40000 रुपये निकाल कर दिए। 80000 रूपये कर्ज लेकर दिए। अभी भी लोन भर रहे हैं।
पीड़ित को अपेंडिस की बीमारी है तथा पीठ में फोड़े का ऑपरेशन करवाया। पत्नी हार्ट की मरीज हैं। विपक्षीगण उसके दोनो बेटे व बहुओं की करीब 200000 रुपये की आमदनी है। वो दंपती की देखभाल नहीं करते हैं। न ही दवा इलाज करवाते हैं, न ही कोई खर्च देते हैं। पीड़ित पति पत्नी को 30000 मासिक खर्च दिलाया जाए। जिससे इलाज खर्च व भरण-पोषण हो सके। कोर्ट में याचना किया है। पीड़ित ने आरोपी लगाया कि उपरोक्त लोग प्रताड़ित करते है। बीमारी की हालत में मकान से धक्का देकर 10 जुलाई को निकाल दिया।