-मेंहदावल ब्लॉक के सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कार्य अधूरा
- निर्माण पर खर्च हो गए लाखों रुपये, केयर टेकर की नहीं है तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। विकासखंड क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत सार्वजनिक शौचालय के निर्माण पर लाखों रुपए खर्च किए गए लेकिन अधिकतर शौचालयों पर ताला लटक रहा है। सार्वजनिक शौचालयों पर केयरटेकर की तैनाती कर जिम्मेदार भूल गए हैं।
मेंहदावल क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों का बुरा हाल है। कई शौचालय ऐसे हैं जिनका निर्माण हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत गया है। अभी तक सार्वजनिक शौचालयों पर विद्युत कनेक्शन तक नहीं हो पाया। इस योजना के तहत मेंहदावल विकासखंड के 71 ग्राम पंचायतों में से 63 ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कार्य पूरा बताया जा रहा है। सभी सार्वजनिक शौचालय चालू बताए जा रहे हैं। विभाग का दावा है कि यहां केयर टेकर भी बैठते हैं। जिनका काम सुबह सभी सार्वजनिक शौचालयों पर फोन कर यह जानकारी करना है कि सार्वजनिक सुलभ शौचालय खुले हैं अथवा बंद है। यह केयरटेकर भी केवल कागजों में रह गया है। अमर उजाला की पड़ताल में जिम्मेदारों के दावे की पोल खुल गई।
सामुदायिक शौचालय रक्सा
ग्राम पंचायत रक्सा में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण हुए करीब सात माह से अधिक समय हो गया। अभी भी यहां ताला लटक रहा है। गांव वालों के लिए यह शौचालय हाथी का दांत बनकर रह गया है। लाखों रुपए खर्च के बाद भी सार्वजनिक शौचालय अधूरा है। ग्राम प्रधान दुलारी देवी का कहना है कि विद्युत कनेक्शन न होने के कारण शौचालय पर ताला लटक रहा है।
सार्वजनिक शौचालय अमरडोभा
विकासखंड के ग्राम पंचायत अमरडोभा में बना सार्वजनिक शौचालय गांव वासियों के प्रयोग के लिए अभी नहीं खुला। रंग रोगन के साथ ही भवन निर्माण पर लाखों खर्च के बाद यह सार्वजनिक शौचालय ग्रामीणों के लिए शोपीस बनकर रह गया है। ग्रामीण अभिमन्यु, शंकर, मुस्तफा आदि ने कहा कि लाखों खर्च के बाद भी सामुदायिक शौचालय गांव वालों के लिए बेकार पड़ा है। निर्माण पूरा होने के बाद से ही ताला लटक रहा है।
सार्वजनिक शौचालय नटवा
ग्राम पंचायत नटवा में करीब सात लाख खर्च कर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। भवन से लेकर रंग रोगन तक लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है लेकिन यह कभी-कभार ही खुलता है। साफ-सफाई का घोर अभाव है। इस सार्वजनिक शौचालय से ग्रामीणों का मोह भंग कर रहा है। ग्रामीण राजन, धनंजय, सुभाष, सुनील आदि ने कहा कि सार्वजनिक शौचालय पर अक्सर ताला लटकता है। शौचालय कभी कभार खुलता है।
ग्राम पंचायतों में बने सार्वजनिक शौचालय का औचक निरीक्षण किया जाएगा । जिन पर ताला लटकते पाया जाएगा वहां के प्रधान व केयरटेकर से सवाल-जवाब किया जाएगा। जहां विद्युत कनेक्शन व अन्य कार्य अधूरे हैं उसे जल्द ही पूर्ण करा लिया जाएगा।
-राजेश पांडेय, सहायक विकास अधिकारी पंचायत