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किसी ने इलाज में खर्च कर दी रकम तो कोई महंगाई से परेशान

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पौली ब्लॉक के मटौली गांव निवासी फूलचंद का अधूरा पीएम आवास। - फोटो : KHALILABAD
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किसी ने इलाज में खर्च कर दी रकम तो कोई महंगाई से परेशान
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90 दिन की जगह गुजर गए पांच साल, फिर भी 965 पीएम आवास अधूरे
संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। किसी ने इलाज में खर्च कर दी रकम को कोई महंगाई से परेशान है। जबकि 90 दिन के भीतर आवास पूर्ण कराने का नियम है, लेकिन पांच साल बाद भी 965 आवास अधूरे हैं।
वित्तीय वर्ष 2016-17, 2017-18, 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में जिले में 53,529 प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य मिला था। प्रत्येक लाभार्थी को आवास के लिए तीन किस्तों में 1.20 लाख रुपये दिए जाते हैं। मनरेगा से 90 दिन की मजदूरी दी जाती है।
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इन वित्तीय वर्षों में 53,085 आवास स्वीकृत हुए। इनमें 52,954 को प्रथम, 52344 को द्वितीय और 50597 लाभार्थियों को तृतीय किस्त मिल चुकी है। इसके बावजूद 52,564 आवास पूर्ण हो पाए हैं। 53185 आवास की जियो टैगिंग हुई है।
पौली विकास खंड के मटौली ग्राम पंचायत की लाभार्थी सोनी देवी बताती हैं कि उसे दो साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला था। पति ग्रीश चंद्र की तबियत खराब हो गई। आवास की रकम पति के इलाज में खर्च हो गया। पति अब स्वस्थ हैं। जल्द ही आवास का निर्माण पूरा हो जाएगा।
इसी गांव की विंध्यवासिनी पत्नी राम आशीष को वित्तीय वर्ष 2019-20 में पीएम आवास योजना का लाभ मिला। उनका कहना है कि तीनों किस्त की रकम मिल चुकी है। कुछ रकम निर्माण सामग्री के लिए दुकान पर जमा है। महंगाई की वजह से मकान बन नहीं पाया। पति बाहर कमाने गए हैं। दीपावली तक मकान का निर्माण हो जाएगा।
मटौली गांव की सुगना देवी पत्नी रामफूल बताती हैं कि उन्हें वर्ष 2019-20 में पीएम आवास योजना का लाभ मिला। अब तक एक किस्त मिली है। प्रधान और सचिव ने बताया कि बैंक खाता गलत हो गया है। बार-बार कागजी कोरम पूर्ति के बावजूद दूसरी और तीसरी किस्त की रकम नहीं मिली। इस वजह से आवास अधूरा पड़ा है।
फेंकना देवी पत्नी रामधन का कहना है उन्हें आवास के लिए तीनों किस्त मिल चुकी है। महंगाई अधिक होने की वजह से आवास पूरा नहीं हो पाया। घर की माली हालत भी ठीक नहीं है।
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कोट
डीआरडीए के परियोजना निदेशक को अधूरे आवासों को पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। बीडीओ और सचिवों को अगस्त तक हर हाल में अधूरे आवासों को पूर्ण कराने की हिदायत दी गई है। अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। तीन किस्त पाने के बावजूद आवास पूर्ण नहीं कराने वाले लाभार्थियों से रकम की वसूली की जाएगी।
- अतुल मिश्रा, सीडीओ
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