संतकबीरनगरधनघटा। शनिवार को तीनों तहसील मुख्यालयों पर संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। सदर तहसील में सीडीओ संत कुमार और एसडीएम शैलेश दूबे फरियाद सुन रहे थे। इसी दौरान मगहर कस्बे के आजाद नगर की मीठा देवी पत्नी फूलचंद प्रार्थनापत्र लेकर पहुंचीं और बताईं कि दबंगों ने उनका घर ढहा कर कब्जा कर लिया है। उनका परिवार सड़क पर आ गया है। वहीं, बभनी बौरा की बेवा भानमती भी जमीन विवाद का प्रकरण लेकर पहुंची थीं। 52 मामले आए और सिर्फ दो मामले निस्तारित हुए।
धनघटा में डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी सत्यजीत गुप्ता ने फरियाद सुनी। यहां वही पुराने फरियादी अपनी समस्या को नए कागज पर लिखा कर लाए और पेश हुए। कुल 28 मामले दर्ज हुए, जिसमें दो का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। जबकि फरियादियों की लंबी लाइन भी लगी दिखी। कई मामले डीएम ने संबंधित अधिकारियों को उनके हाथ में सीधे देकर मौके पर जाकर समस्या के निस्तारण का आदेश दिया। मेंहदावल में एएसपी संतोष सिंह और एसडीएम अरुण कुमार ने लोगो की समस्याएं सुनी। यहां कुल 36 मामले आए और सिर्फ तीन मामलों का निस्तारण हो पाया।
केस नंबर- 1
गागरगाड गांव निवासी रामसूरत, राम शब्द, काशीराम, रामजीत, महेश्वरी, रामनिवास ने फरियादी किया कि आराजी संख्या 245 व खाता संख्या 84 संक्रमण भूमि धर है। यह जमीन खतौनी में त्रुटि वास सुदामा पुत्री शिवमूरत के नाम दर्ज हो गई है। जबकि रामसूरत आदि का नाम दर्ज होना चाहिए था। किसान सम्मान निधि बनवाने के लिए जब खतौनी निकाल गई तो इस बात की जानकारी हुई। त्रुटि के सुधार के लिए चार वर्ष से संपूर्ण समाधान दिवस समेत अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया जा रहा है, लेकिन समस्या जस की तस पड़ी हुई है।
केस नंबर- 2
सुमन श्रीवास्तव पत्नी प्रमोद श्रीवास्तव निवासी कोदवट ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उनके ससुर गिरीश चंद्र श्रीवास्तव गांव की जमीन उनके नाम से पक्का हिबानामा किए हैं। जिसकी दाखिल खारिज के लिए तीन वर्ष से नायब तहसीलदार के पास फाइल लंबित पड़ी हुई है।
केस नंबर-
राकेश पुत्र राम संवारे निवासी लौकिहा का कहना है कि जमीन की पैमाइश के लिए तीन वर्ष से प्रार्थना पत्र देता चला आ रहा हूं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
केस नंबर-
भरवल पर्वता गांव निवासी शिवदत्त, बदामा, सोहरता, रामदत्त आदि का कहना है कि गांव में पंजाबी बेलदार के घर से घनी आबादी के बीच 11000 हाई वोल्टेज करंट का तार खींचा गया है। तार ढीला होकर बिल्कुल लटक चुका है। जिससे हमेशा खतरा बना हुआ है। तार को हटाने के लिए दो साल से संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दे रहे हैं, लेकिन तार को हटाने की बात दूर तार को बिजली निगम के अधिकारी कर्मचारी टाइट भी नहीं कर रहे हैं।
नहीं दिखा डीएम के आदेश का असर, नहीं लिखा गया प्रार्थना पत्र
धनघटा। अनपढ़ लोगों का प्रार्थना पत्र लिखने के लिए तहसील में एक तहसील कर्मी की ड्यूटी लगेगी। इस तरह का आदेश भले ही डीएम ने दे रखा है, लेकिन शनिवार को धनघटा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम के आदेश का असर नहीं रहा।
रामपुर गांव निवासी रामदेव ने बताया कि प्रार्थना पत्र बाहर जाकर लिखवाए हैं। इसके एवज में 50 रुपये देने पड़े हैं। तहसील में प्रार्थना पत्र लिखने के लिए कोई सरकारी कर्मचारी नहीं है। खर्चा गांव के रहने वाले राम पलट का कहना था कि तहसील में कोई कर्मचारी प्रार्थना पत्र नहीं लिखता है। प्रार्थना पत्र लिखाने के लिए बाहर ही जाना पड़ता है। इसके बदले उनका मुंह मांगी कीमत दी जाती है। रामलोचन, शिवपूजन, गयादीन आदि फरियादी वकील या मुंशी के पास पहुंचकर प्रार्थना पत्र लिखा कर संपूर्ण समाधान दिवस में पेश हुए। पूरे तहसील परिसर में कोई भी राजस्व कर्मी प्रार्थना पत्र लिखने के लिए नियुक्त नहीं दिखा। खलीलाबाद में राजस्व निरीक्षक गिरजा शंकर चौधरी की ड्यूटी लगी थी,जो चार फरियादियों का प्रार्थना पत्र लिखे। इसी तरह मेंहदावल तहसील में भी जरूरतमंदों के प्रार्थना पत्र लिखने की व्यवस्था की गई थी। संवाद