- लीगल एंड डिफेंस काउंसिल के चीफ की पहल पर मां को मिला बच्चा
- परिवार न्यायालय के काउंसलर ने दी थी समय पर सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। महुली थाने पर डेढ़ वर्ष के बच्चे को पति से वापस पाने की गुहार लेकर पहुंची एक महिला को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। उसने परिवार न्यायालय के काउंसलर को फोन कर अपने डेढ़ वर्ष के बच्चे को पति द्वारा जबरन छीन लेने की बात बताई। काउंसलर के द्वारा तत्काल लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ को सूचित किया गया। चीफ ने फोन कर इसकी जानकारी थाने पर तैनात पैरा लीगल वालंटियर को दी। जिसके बाद थाने की पुलिस हरकत में आ गई और मामले को त्वरित रूप से निस्तारित करते हुए पति से उसका बच्चा मां के सुपुर्द कर दिया।
महुली क्षेत्र की महोबरा गांव निवासी महिला का परिवार न्यायालय में सुलह-समझौता करा दिया गया था। काउंसलर के कार्य से प्रभावित होकर उनका मोबाइल नंबर अपने पास रखी थी। एक दिन पूर्व उसके पति ने डेढ़ वर्ष बच्चा जबरन छीनकर उसे घर से निकाल दिया। बच्चे को पाने की गुहार लेकर वह महुली थाने पर पहुंची। वहां पहुंचकर उसने काउंसलर को फोन कर इसकी सूचना दी। काउंसलर ने इस बात की जानकारी तत्काल लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव को दिया। उन्होंने महुली थाने पर तैनात पैरालीगल वालंटियर त्रिलोकी सिंह को सूचित कर त्वरित रिपोर्ट देने को कहा। वालंटियर के द्वारा थानाध्यक्ष को तहरीर देने पर महुली पुलिस तत्काल हरकत में आ गई। पुलिस उसके घर पहुंच कर पति से उसका बच्चा लेकर उसे सुपुर्द करते हुए सुलह-समझौता करा दिया।