शहर में बढ़ रही जाम की समस्या, राहगीरों व छोटे दुकानदारों को हो रही परेशानी
करीब 15 शाॅपिंग माॅल खुल चुके हैं जबकि कई निर्माणाधीन हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर में लगातार शापिंग मॉल खुल रहे हैं, लेकिन कहीं भी वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। यहां पर आने वाले ग्राहक सड़क के किनारे ही वाहन खड़े कर रहे हैं। जिससे शहर में जाम की समस्या बढ़ रही है। साथ ही राहगीरों व छोटे दुकानदारों को परेशानी हो रही है। हालांकि यातायात पुलिस ने सोमवार को सड़कों पर खड़े वाहनों के चालकों को चेतावनी देकर हटवाया, लेकिन स्थायी के इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
शहर की तस्वीर बदल रही है। खलीलाबाद बड़े बाजार के रूप में तब्दील हो रहा है। इसे देखते हुए मल्टीनेशनल कंपनियां भी उतर आई हैं। शहर में धड़ल्ले से शॉपिंग माॅल खुल रहे हैं। जहां पर एक ही छत के नीचे रोजमर्रा की जरूरतों के सामान मिल जा रहे हैं। इससे लोगों की भागदौड़ तो कम हो रही है, लेकिन छोटे दुकानदारों की रोजी-प्रभावित हो रही है। दूसरी तरफ शॉपिंग माल खुलने के बाद भी वाहनों की पार्किंग के लिए व्यवस्था न होने से जाम की समस्या बढ़ गई है।
वर्तमान में शहर की आबादी करीब एक लाख के ऊपर पहुंच गई है। साथ ही शहरी क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है। आबादी बढ़ने के साथ ही शहर में करीब 15 शाॅपिंग माॅल खुल चुके हैं। जबकि कई और माॅल निर्माणाधीन हैं। ये विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों से जुड़े हैं।
नियमों का नहीं हो रहा पालन
शॉपिंग मॉल खोलने के लिए नक्शा पास कराते समय वाहन पार्किंग की व्यवस्था दर्शानी होती है। साथ अग्निसुरक्षा के लिए भी इंतजाम करना होता है। बावजूद इसके शॉपिंग माल के बाहर वाहन पार्किंग के इंतजाम नहीं किए गए हैं। मॉल के सामने सड़क तक वाहन खड़ा हो रहे हैं। जिससे आने-जाने में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। शहर के आजाद चौक, मुखलिसपुर तिराहा, गोलाबाजार, बैंक चौराहा, मोती चौराहा आदि स्थानों पर ऐसी स्थिति देखी जा रही है। शहर निवासी महेंद्र त्रिपाठी, संजय भारती, जीशान आदि ने कहा कि शॉपिंग माल बनने से एक ही छत के नीचे सामान मिल जा रहा है, लेकिन वाहन पार्किंग की व्यवस्था न होने से परेशानी भी बढ़ गई है। इस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
शॉपिंग माॅल के नक्शे पहले के पास हुए हैं। इसकी जांच की जाएगी और जहां भी वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, उनके संचालकाें को नोटिस दिया जाएगा। ताकि पार्किंग की व्यवस्था हो सके।
- जय प्रकाश, एडीएम