संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने तथा साक्ष्य को छिपाने के मामले में आरोपी बनाए गए मृतक लड़के की मां, दो भाई और मृतक लड़की की मां, चाचा और गांव के चौकीदार समेत सात लोगों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
मामले में वादी मुकदमा उपनिरीक्षक पवन ने थाना धनघटा में 13 फरवरी 2021 को तहरीर दिया कि सुबह 7:50 बजे फोन पर सूचना मिली कि ग्राम मूड़ाडिहा में लड़का और लड़की शादी करना चाहते थे लेकिन परिवार के डांटने-फटकारने और शादी के लिए राजी न होने के कारण जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर लिया है। लड़के का नाम सागर व लड़की का नाम कंचन है।
इस सूचना पर जब वह ग्राम मूड़ाडिहा पहुंचे तो दोनों के घर पर कोई नहीं मिला। जानकारी हुई कि धनंजय पांडेय, प्रदीप, सिकंदर, तीजू व अन्य लोग दोनों के शव को लेकर दाह संस्कार के लिए गए हैं। वह नदीं के पास पहुंचे तो उत्तर दिशा में धुआं उठता दिखाई दिया। पुलिस को देखकर सभी लोग भाग गए। मौके पर दो शव एक ही चिता पर जल रहे थे तत्काल पानी से बुझवाया गया। दोनों शव अधजले थे। तहरीर के आधार पर थाना धनघटा में केस दर्ज हुआ।
प्रथम सूचना के आधार पर विवेचना के पश्चात आरोपी धनंजय पांडेय, सिकंदर, हरिद्वार, राम अक्षयवर, रामकुमार, शकुंतला व बबुनी के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने और साक्ष्य को छिपाने का आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने और साक्ष्य को छिपाने के मामले में थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम मूड़ाडीहा के सभी आरोपी धनंजय पाण्डेय, मृतक लड़की के चाचा सिकंदर, मृतक लड़के का भाई हरिद्वार, गांव के चौकीदार राम अछैवर, मृतक लड़के का भाई राम कुमार, मृतक लड़की की मां शकुंतला, मृतक लड़के की मां बबूनी को बरी कर दिया।