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Sant Kabir Nagar News: एक जुलाई से बदल जाएंगी दुष्कर्म, हत्या और डकैती की धाराएं

Sun, 30 Jun 2024 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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- 30 जून की रात 12 बजे से नया कानून होगा लागू
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- थानों पर तैनात पुलिस कर्मियों को अभियान के तहत दिया गया है प्रशिक्षण
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। एक जुलाई से तीन नए कानून लागू हो जाएंगे। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जगह अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लेगी। भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और इंडियन इविडेंस एक्ट (आईईए) की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) लेगी। नए कानूनों में दुष्कर्म, हत्या और डकैती की धाराएं बदल जाएंगी। अभी तक 1860 में पारित भारतीय दंड संहिता के तहत कानून व्यवस्था संचालित हो रही थी।
ब्रिटिश काल में सन 1860 में अंग्रेजों की ओर से अपनी सुविधानुसार आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) लागू की गई। जिसे अब बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) का नाम दिया गया है। इसके तहत आईपीसी की 511 धाराओं की जगह अब बीएनएस में 358 ही धाराएं होंगी। इसी तरह दंड संहिता 1973 की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 लागू की गई है, जिसमें 531 की जगह 484 धाराएं रखी गई हैं। इसके अलावा तीसरा बदलाव भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 को भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 किया गया है।
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नए कानून में आंतकवाद, संगठित अपराध को भी धाराओं के रूप में शामिल गया है। नए कानून के साथ ही इंडियन इविडेंस एक्ट पर ज्यादा जोर है। इसमें एप की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके अलावा नई व्यवस्था में महिलाओं से जुड़ी 45 धाराएं जोड़ी गई हैं। भारतीय दंड संहिता में 33 धाराओं में दंड बढ़ाया गया है, जबकि 83 धाराओं में जुर्माना बढ़ा है। इसी तरह 23 धाराओं में अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान किया गया है। नए कानून में 18 वर्ष से कम आयु के लड़के-लड़कियां चाइल्ड की श्रेणी में आएंगी। इसी तरह विवेचना, रिपोर्ट, जांच की समय सीमा तय कर दी गई है।
30 जून की रात 12 बजे से नई व्यवस्था के तहत केस दर्ज किए जाएंगे। जनपद के सभी थानों के पुलिसकर्मियों को पिछले 10 दिनों से पुलिस लाइंस सभागार में प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अधिकारियों के लिए अलग से कोर्स चलाए जा रहे हैं। थानों के कामकाज संभालने वाले मुंशी भी प्रशिक्षित हो गए हैं।

फोटो, वीडियो व मैसेज बनेंगे अहम साक्ष्य

इंडियन एविडेंस एक्ट (आईईए) 1872 की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 लागू होगा। आईईए में 11 अध्याय व 167 धाराएं थीं। बीएसए में 12 अध्याय व 170 धाराएं हैं। मृत्यु पूर्व बयान की धारा 32 को अब धारा 26 के नाम से जाना जाएगा। बीएसए में फोटो, वीडियो, मैसेज भी अहम साक्ष्य बनेंगे। साथ ही, डॉक्टर, पुलिस व अन्य गवाहों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही हो सकेगी। नए कानून में दंड की जगह न्याय पर जोर दिया गया है।
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कुछ प्रमुख धाराएं जो बदली गईं
अपराध पुरानी धारा नई धारा
हत्या 302 103(1)
गैर इरादतन हत्या 304 105
दहेज मृत्यु 304 ख 80
हत्या करने का प्रयास 307 109(1)
आत्मत्या करने का प्रयास 309 226
लैगिंग उत्पीड़न 354 क 75
दुष्कर्म 376 64 (1)
लूट 392 309(4)
डकैती 395 310 (2)
धोखाधड़ी 420 318
मारपीट 323 115
से नई धाराएं प्रभावित हो जाएंगी, सभी थानों के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब नई जो धाराएं उसके तहत केस दर्ज होंगे, इसके साथ ही कुछ धाराओं में जुर्माने की रकम भी बढ़ी है। नए कानून में डिजिटल एविडेंस पर ज्यादा जोर है।
- सत्यजीत गुप्त, एसपी
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