संतकबीरनगर। ऑउट ऑफ स्कूल के तहत परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराना था। जिले में 10 ऐसे स्कूल हैं जो अपने विद्यालयों में बच्चों का पांच नामांकन भी नहीं करा पाए। इस पर शासन ने नाराजगी जताई है। बीएसए ने इन विद्यालयों पर तैनात समस्त स्टाफ का वेतन रोक दिया है।
एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो गया है। इसमें परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक नामांकन कराने को लेकर शिक्षकों को जिम्मेेदारी सौंपी गई थी। एक अप्रैल से 20 मई तक शिक्षक नामांकन में लगे रहे, लेकिन 10 ऐसे विद्यालय हैं, जहां शिक्षकों की लापरवाही उजागर हुई है। इन विद्यालय के शिक्षक अपने चार नामांकन भी अपने विद्यालय में नहीं करा पाए हैं। इसमें खलीलाबाद ब्लॉक के डेबरी, प्राथमिक विद्यालय बनइठा, प्राथमिक विद्यालय सरौली चहारूम, सांथा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मुड़िला कला, प्राथमिक विद्यालय अतरी नानकार, उच्च प्राथमिक विद्यालय परसामाफी, सेमरियावां ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रजापुर सरैया, मेंहदावल ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय तुनिहवा, प्राथमिक विद्यालय परसा चौबे, नाथनगर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बनियाभर शामिल है। परियोजना निदेशक ने इन विद्यालयों में नामांकन न होने पर नाराजगी जाहिर की है। नामांकन के लिए इन शिक्षकों को 50 दिन का समय मिला था। उसके बावजूद नामांकन के लिए प्रयास नहीं किए। बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि इन विद्यालयों में चार बच्चों का भी नामांकन न कराया जाना विद्यालय में कार्यरत प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक की शैक्षिक कार्यों में रूचि न लेना प्रदर्शित करता है।
इन विद्यालयों में तैनात समस्त स्टाफ का वेतन रोक दिया गया है। जब तक कार्य पूर्ण नहीं करेंगे तब तक वेतन जारी नहीं होगा।