- क्रय केंद्र प्रभारियों के साथ मिलर ने भी सरकारी राजस्व को पहुंचाई क्षति, घपले में अधिकारी भी रहे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में धान क्रय केंद्र प्रभारियों के साथ ही मिलर भी सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचा रहे हैं। समय से धान मिलने और कुटाई के बाद भी अधिकारियों के दबाव पर गोदाम में चावल नहीं जमा कराया। विभागीय अधिकारी भी जांच में इनमें शामिल पाए गए और उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ। एक साल में 64 लाख रुपये का घपला अभी तक उजागर हो चुका है। इसके बाद भी जिम्मेदारों में कोई खौफ नहीं है।
धान और गेहूं खरीद में केंद्र प्रभारी एवं अधिकारियों की मिलीभगत से जमकर सरकारी धन का बंदरबांट होता है। किसानों की शिकायतों को दरकिनार करके बिचौलियों का क्रय केंद्र पर दबदबा रहता है, जबकि किसान अपनी फसल बेचने के लिए भटकते हैं। फसल खरीदने के बाद अधिकारियों की नजर सरकारी धन पर जमी रहती है। कई तरह की कटौती के बाद धान को कुटाई के लिए मिलरों को भेजा जाता है। जहां से कुटाई का काम पूरा होने पर चावल को गोदाम में जमा करने का नियम है। इससे इतर तमाम केंद्र प्रभारी धान खरीद में और मिलर चावल के गोलमाल में संलिप्त रहते हैं। धान क्रय करने व मिलरों के चावल गोल-माल का मामला उजागर होने के बाद अधिकारी पहले उनके जमा कराने के लिए नोटिस भेजते हैं। इसके बाद भी गोदाम में चावल न पहुंचने पर संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी गई।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है केस
कोतवाली खलीलाबाद में पांच सितंबर को पीसीएफ के सेवानिवृत्त जिला प्रबंधक महेंद्र कुमार गर्ग निवासी कैलाशपुरम हरुनंगला बरेली और एक कर्मचारी के खिलाफ 33.42 लाख रुपये घपले का केस दर्ज हुआ था। यह कार्रवाई क्षेत्रीय प्रबंधक बस्ती मंडल विजय कुशवाहा की तहरीर पर हुई थी। उत्तर प्रदेश सरकारी समिति फेडरेशन के जिला प्रबंधक अखिलेश कुमार की तहरीर पर 24 सितंबर को मामले में मेसर्स प्रिंस ट्रेडर्स एंड मिनी राइस मिल लोहरौली के प्रोपराइटर दिलीप कुमार पुत्र राम किशोर निवासी बढ़या पोस्ट पकरी आराजी के खिलाफ 18 लाख 17 हजार 179 रुपये केस दर्ज हुआ। जबकि 16 अगस्त को साधन सहकारी समिति लोहरौली ठकुराई ब्लॉक क्षेत्र बेलहर कला प्रभारी व सचिव अवनीश कुमार सिंह के खिलाफ धान खरीद घोटाले में 12 लाख 16 हजार 468 रुपये गबन करने के आरोप में जिला प्रबंधक अखिलेख कुमार की तहरीर पर केस दर्ज हुआ था।