- न्यूनतम तापमान 34 डिग्री रहा, बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी
गर्मी से राहत के आसार नहीं, बारिश के लिए करना होगा एक सप्ताह इंतजार
संतकबीरनगर। सितंबर माह का दूसरे दिन सबसे गर्म रहा। उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे। लोग पसीना पोंछते नजर आए। छांव में भी राहत नहीं मिल रही थी। साथ ही बिजली कटने पर लोगों की मुश्किलें और बढ़ जा रही थीं। लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
सितंबर में बारिश होती है, पर इस बार गर्मी ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। शनिवार को उमस भरी गर्मी और तेज धूप के चलते लोग छांव की तलाश में लगे रहे। न्यूनतम तापमान 34 डिग्री रहा। हवा न चलने से उमस रही। पंखे से हटने पर पसीना से लोग भीग जा रहे थे। शहर के गोला बाजार, बरदहिया बाजार, बैंक चौराहा, मोती चौहारा, समय जी स्थान, मेंहदावल बाईपास पर लोग गर्मी से बेहाल दिखे। कार्यालयाें में बैठे कर्मी भी पसीना पोंछते रहे। मौसम विभाग की मानें तो अभी गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। लोगों को बारिश के लिए कम से एक सप्ताह इंतजार करना पड़ेगा। शहर निवासी संजय सिंह, प्रदीप गुप्ता, मनोज जायसवाल ने बताया कि बारिश के मौसम में इस तरह की गर्मी कभी नहीं पड़ी है। बारिश कब होगी यह तो समझ में नहीं आ रहा है।
बिजली कटौती ने भी बढ़ाई मुसीबत
उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। पूरे दिन लोकल फाल्ट के नाम पर कटौती होती रही। उपभोक्ता संजीव गुप्त व भोले ने बताया कि उमस भरी गर्मी ने मुश्किलें बढ़ा दी है। दिन में करीब पांच घंटे तक कटौती रही।
भीषण गर्मी से बढ़ी परेशान, डॉक्टर को दिखाने में छूटा पसीना
गर्मी चरम पर है। तेज धूप से लोग बेहाल है। लोग कई प्रकार की बीमारियों की चपेट में आ रहे है। जिला अस्पताल में शनिवार को उल्टी-दस्त, बीपी, बुखार से के मरीज सबसे अधिक पहुंचे। चिकित्सकों ने धूप से बचने की सलाह दी है। एचआरपीजी काॅलेज में धरने पर बैठे तीन छात्र नेता भी शनिवार को गर्मी की वजह से चक्कर खाकर बेहोश हो गए थे। जिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष में लोगों की लाइन लगी है। डॉक्टर को दिखाने में मरीजों को पसीना छूट जा रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 1300 लोगों ने इलाज कराया।
जहां तक हो सके, धूप में न निकलें
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ कुमार सिद्धार्थ का कहना है कि इस समय मौसम काफी गर्म है। धूप ऐसी है कोई बाहर खड़ा नहीं हो सकता है। ऐसे में लोगों को बच कर रहना चाहिए। जहां तक हो सके, 10 बजे से चार बजे तक बाहर न निकलें। अगर निकल रहे है तो सिर को ढक ले। दिक्कत होने पर डॉक्टर को जरूर दिखाए। इसके अलावा शरीर को गर्मी के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें। ध्यान रहे गर्मी का दुष्प्रभाव तब और ज्यादा हो जाता है जब हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पीते रहें। यह गर्मी के दुष्प्रभावों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।