संतकबीरनगर। पारस्परिक स्थानांतरण में जिले में आजमगढ़ से आए एक शिक्षक की जांच के लिए शासन से निर्देश आया तो बीएसए जांच के लिए पौली बीआरसी पर पहुंच गए। वहां पर शिक्षक को तलब किया, लेकिन वह नहीं आया। इसके बाद बीएसए स्कूल पर पहुंचे तो शिक्षक उससे पहले ही वहां से भी भाग चुका था। एक ही नाम पर प्रदेश में दो शिक्षकों की जांच करने के लिए बीएसए पहुंचे थे। फिलहाल शिक्षक का वेतन रोक दिया गया है।
जून माह में शासन स्तर से परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का पारस्परिक स्थानांतरण हुआ था। इसमें 22 जून को आजमगढ़ जिले से एक शिक्षक मुकेश कुमार आए और उनकी तैनाती पौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पारसीर में हुई। इसके बाद वह कार्य करने लगे। इधर महानिदेशक स्कूल शिक्षा का पत्र बीएसए को आया कि मुकेश कुमार के नाम पर मथुरा में भी एक शिक्षक कार्यरत है। ऐसे में मुकेश कुमार की पत्रावली की जांच की जाए। इसके बाद बीएसए शनिवार को बीआरसी पौली पर जांच करने के लिए खुद पहुंचे। उन्होंने वहां पर शिक्षक को समस्त अभिलेख के साथ तलब किया, लेकिन शिक्षक बीआरसी पर नहीं आया। बीएसए जब विद्यालय पहुंच गए तो शिक्षक वहां से गायब हो चुका था। यह मामला मानव संपदा पोर्टल से खुला है। जिसमें एक ही व्यक्ति के नाम और पते पर दो लोग नौकरी कर रहे हैं। इसमे मथुरा में तैनात शिक्षक के पत्रावलियों की जांच हो चुकी थी, लेकिन संतकबीरनगर स्थानांतरित होकर आए शिक्षक के पत्रावलियों की जांच अभी तक नहीं हो पाई थी। शिक्षक फरार होने से यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि वह फर्जी तरीके से नाम पता बदलकर कार्य कर रहा था। विभाग की मानें तो यह शिक्षक करीब 10 वर्ष से सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत है। फिलहाल इसको लेकर विभाग में चर्चा शुरू हो चुकी है।
पहले भी पकड़े जा चुके है 16 फर्जी शिक्षक
जिले में पिछले आठ सालों में 16 फर्जी शिक्षक पकड़े जा चुके है। यह शिक्षक एसटीएफ की राडार पर थे और फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी कर रहे थे। सबसे ज्यादा नाथनगर ब्लॉक के शिक्षक पकड़े गए थे। इन सभी को बर्खास्त किया जा चुका है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा अभियान के निर्देश पर जांच के लिए शिक्षक को पत्रावलियों के साथ तलब किया गया था, लेकिन वह नहीं आया। शिक्षक को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा गया है। अगर वह उपस्थित नहीं होता है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-अमित कुमार सिंह, बीएसए