धनघटा। पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले अभियान चलाकर गांव से लेकर शहरों तक पौधरोपण का कार्यक्रम चलाया। जिस पर करोड़ों रुपये भी खर्च किए गए। मगर, जिम्मेदारों की अनदेखी से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ग्राम पंचायत स्तर पर फ्लॉप साबित रही। पिछले दिनों ग्राम पंचायत स्तर पर ब्लॉक के माध्यम से वृहद अभियान चलाकर पौधरोपण किया गया, लेकिन पौधारोपण के बाद जिम्मेदार गायब हो गए और पौधे पानी और देख-रेख के अभाव में सूख रहे हैं।
नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत भगौतीपुर, डहरौली, कड़सरा, भिटकिनी, चंवरिया, क्लेन हरदो, केवटली, मानपुर, मुखलिसपुर, मुड़ियारी, नोक्ता, नगुआ, ओनबिलाई, रेवटा, सांखी, शनिचरा, तिनहरी आदि गांवों के ग्रामीण रामराज, दयाशंकर, रामलाल, लक्ष्मण, बिरजू, संतू, मनीराम, केशव, धनराज, कपिल, फुन्नी आदि ने बताया कि ग्राम पंचायतों में पौखे रख-रखाव के अभाव में सूख रहे हैं। जो अभी कुछ हरे-भरे हैं, उन्हें जानवर अपना निवाला बना ले रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अगर यही पौधे घर घर किसानों में वितरण किए गए होते तो वह अपने खेतों में लगाकर हरियाली के साथ ही अपने आर्थिक स्थिति में भी सुधार करते, लेकिन यह हरियाली योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।
इस संबंध में पूछे जाने पर खंड विकास अधिकारी नाथनगर रूप नारायण भारती ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में पौधों का वितरण कराया गया है। उनकी देखरेख न होने की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दशा में सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।