मेंहदावल। नगर पंचायत में बेसहारा पशुओं की समस्या के निस्तारण में गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। तमाम प्रयास के बाद भी छुट्टा पशु नहीं पकड़े जा सके हैं। अभी भी सैकड़ों की संख्या में पशु खुले में विचरण कर रहे हैं, जिसके लोगों का रास्ता चलना दुश्वार है। लोगों को हिंसक पशुओं से खतरा बना हुआ है। नगर पंचायत प्रशासन ने तीन माह पूर्व दो बार बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाया था, लेकिन अभी भी काफी संख्या में बेसहारा पशु खुले में मौजूद है। इससे लोगों को काफी समस्या हो रही है। काऊ कैचर नगर पंचायत के पास उपलब्ध होने के बाद भी नियमित अभियान न चलने से समस्या दूर नहीं हो पा रही है।
मेंहदावल नगर पंचायत में 20 वार्ड है। आबादी लगभग 60 हजार से अधिक है। मेंहदावल के टडवरिया मोहल्ले में सबसे अधिक संख्या में हिंसक सांड सुबह से लेकर रात तक सार्वजनिक स्थानों पर डेरा जमाए रहते हैं। लोगों को खुले में निकलने में काफी दिक्कतें होती है। मेंहदावल कस्बे में दर्जनों की संख्या में बेसहारा पशु सड़क पर चलते दिखाई देते हैं। अक्सर वाहन चालक गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं। दुकानदार भी इस समस्या से काफी त्रस्त है। कस्बे के वेद दुबे, संजय सिंह, राजीव ने बताया कि नगर पंचायत प्रशासन के सामने पशुओं को पकड़ने, उन्हें आश्रय देने तथा भोजन पानी देने के लिए जगह उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाने में जिम्मेदार आना-कानी कर रहे हैं। तहसील प्रशासन के स्तर से भी गंभीर पहल नहीं हो रही है। जिससे बेसहारा पशुओं की समस्या समाप्त नहीं हो पा रही है।
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हिंसक पशुओं को पकड़ने के लिए प्रोफेशनल लोगों की जरूरत है। इसके लिए निविदा निकाली गई है। जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी, बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरू किया जाएगा।
- पंकज कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत मेंहदावल